बरेली: ठेकेदार से 50 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में उलझीं शहला ताहिर
बरेली, अमृत विचार। फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में फंसीं नगर पालिका चेयरमैन शहला ताहिर फिर चर्चा में हैं। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कुछ माह पहले जाति प्रमाणपत्र को फर्जी करार देते हुए निरस्त कर दिया था। इस प्रकरण में आयोग में सुनवाई चल रही …
बरेली, अमृत विचार। फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में फंसीं नगर पालिका चेयरमैन शहला ताहिर फिर चर्चा में हैं। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कुछ माह पहले जाति प्रमाणपत्र को फर्जी करार देते हुए निरस्त कर दिया था। इस प्रकरण में आयोग में सुनवाई चल रही है। इस बीच शहला ताहिर पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक और मामला सामने आया है। जिसमें नगर पालिका के फाइक एन्क्लेव निवासी ठेकेदार मुनन मियां ने शहला ताहिर और उनके पति डा. ताहिर पर आरोप लगाए हैं।
कहा कि पहले इन लोगों ने ठेका दिलाया। चार लोगों ने ठेका डाला। इसमें इन्होंने ठेका दिला दिया और एक रुपया भी कमीशन न लेने की बात कही लेकिन बाद में ये बदल गए और कमीशन लेकर भुगतान कराया। कमीशन के लिए उसका भुगतान रोक दिया है। ठेकेदार ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इज्जतनगर क्षेत्र के परतापुर चौधरी एवं हाल फाइक इन्क्लेव निवासी मुनन मियां ने उप मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पहले 40 लाख रुपये का भुगतान पीएफएमएस द्वारा हुआ। कुछ माह पूर्व ईओ का चार्ज संभाल रहे तत्कालीन एसडीएम वेदप्रकाश मिश्रा के हस्ताक्षर से भुगतान जारी होता रहा। एसडीएम तो दूर उनका अर्दली तक ने एक रुपये की मांग नहीं की। आरोप लगाते हुए कहा कि चेयरमैन शहला ताहिर व उनके पति डा. ताहिर 60 प्रतिशत कमीशन मांगते हैं। दूसरा पेमेंट 30 लाख रुपये पोल व लाइट का हुआ।
उसमें भी 50 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया। तीसरा पेमेंट 27.75 लाख रुपये का हुआ। जब हिसाब जोड़ा तो उसे घाटा हुआ। उसके ऊपर अशोक इलेक्ट्रिकल व एसएसके इंटरप्राइजेज का 27 लाख रुपये का कर्जा आ रहा था। अंतिम भुगतान 26.75 लाख रुपये का था। दोनों फर्मों का कर्ज 27 लाख था, इसलिए वह कमीशन देने में असमर्थ था। उसने 6 दिसंबर को दोनों फर्मों की उधारी चुका दी है। इसके बाद चेयरमैन के पति पर कुछ लोगों के साथ फरीदपुर में भाई के घर पहुंचने और जबरन कमीशन लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। ठेकेदार ने कहा है कि इन लोगों से डरकर वह दिल्ली भाग गया था।
क्या कहती हैं चेयरमैन शहला ताहिर
नवाबगंज नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर ने ठेकेदार द्वारा कमीशन लेने के लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने कराए जाने की वजह से भुगतान रोका गया है। कमीशन का आरोप गलत है। जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और शीघ्र ही ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर कराएंगे। उन्होंने ठेकेदार पर रंगदारी वसूलने की कोशिश करने और बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाएं हैं।
कमीशन के खिलाफ आवाज उठते ही पालिका में खलबली
ठेकेदार के कमीशन के खिलाफ आवाज उठाने से नगर पालिका के बाबुओं में भी खलबली मची है। मंगलवार को पालिका में जाकर जानकारी ली गई तो हर कोई जानकारी देने से बचता नजर आया। एक बाबू ने कह दिया कि बरेली में सड़कों के निर्माण से संबंधित ठेके खुल रहे हैं, इसलिए वरिष्ठ लिपिक समेत अन्य बाबू बरेली गए हुए हैं। इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है।
