हल्द्वानी: परिवहन कर्मी घर-घर जाकर वाहन स्वामी को थमा रहे टैक्स का नोटिस
बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल टैक्स जमा नहीं करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहली बार परिवहन विभाग ने छह टीमों का गठन किया है, जो राजस्व विभाग की तर्ज पर वाहन स्वामियों के घर-घर जाकर टैक्स जमा करने के नोटिस थमा रही हैं। फिर भी वाहन …
बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल टैक्स जमा नहीं करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहली बार परिवहन विभाग ने छह टीमों का गठन किया है, जो राजस्व विभाग की तर्ज पर वाहन स्वामियों के घर-घर जाकर टैक्स जमा करने के नोटिस थमा रही हैं। फिर भी वाहन स्वामी टैक्स जमा नहीं करता है तो उसकी आरसी काटी जाएगी।
परिवहन विभाग हर साल कॉमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूलता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, संभागीय परिवहन कार्यालय में 1,800 माल वाहक वाहन, 1,800 टेंपो, 450 ट्रैक्टर ट्रॉली पंजीकृत हैं। इन कॉमर्शियल वाहनों के स्वामियों से मोटर व्हीकल टैक्स वसूलते हैं।
कोविड-19 महामारी के बाद से हजारों वाहन स्वामियों ने इस टैक्स को जमा नहीं किया है। इन वाहन स्वामियों पर तकरीबन 29 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इससे परिवहन विभाग की आय प्रभावित हुई है। अब संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय ने टैक्स वसूली के लिए रणनीति बनाई है। पहली बार छह टीमों का गठन किया है जो घर-घर जाकर वाहन स्वामियों को टैक्स जमा करने का नोटिस थमा रही हैं। यदि वाहन स्वामी नहीं मिल रहे हैं तो इन नोटिसों को वाहन स्वामियों के घर पर चस्पा किया जा रहा है। फिर भी यदि वाहन स्वामी टैक्स जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ आरसी काटने की भी कार्रवाई की जा रही है।
हैलो…सर आपने मोटर व्हीकल टैक्स जमा नहीं किया
संभागीय परिवहन विभाग में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। ये कर्मचारी कॉमर्शियल वाहन स्वामियों को फोन कर रहे हैं और मोटर व्हीकल एक्ट जमा करने की अपील कर रहे हैं। ये कर्मचारी वाहन स्वामियों को टैक्स जमा नहीं करने पर आरसी जारी होने की सख्त कार्रवाई की जानकारी दे रहे हैं।
कोविड-19 महामारी दौर में पिछले दो सालों में मोटर व्हीकल टैक्स जमा करने में छूट दी गई थी। अब टैक्स वसूली की जा रही है। हमने छह टीमों का गठन किया है जो घर-घर जाकर वाहन स्वामियों को टैक्स जमा करने के नोटिस दे रहे हैं। नोटिस घर पर चस्पा किये जा रहे हैं, यदि फिर भी वे टैक्स नहीं देते हैं तो उनकी आरसी काटी जाएगी।
संदीप सैनी, आरटीओ हल्द्वानी
