हल्द्वानी: बच्चों को परोसने से पहले प्रधानाध्यापक चखेंगे भोजन

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हल्द्वानी, अमृत विचार। बच्चों को परोसने से पहले प्रधानाध्यापकों को भोजन चखना होगा। जब वे भोजन को पास कर देंगे, उसके बाद ही बच्चे उसे खाएंगे। मिड-डे-मील की गुणवत्ता को परखने के लिए शिक्षा विभाग ने यह नई पहल शुरू की है। यही नहीं अधिकारी कभी भी स्कूल में छापा मारकर खाने की गुणवत्ता को …

हल्द्वानी, अमृत विचार। बच्चों को परोसने से पहले प्रधानाध्यापकों को भोजन चखना होगा। जब वे भोजन को पास कर देंगे, उसके बाद ही बच्चे उसे खाएंगे। मिड-डे-मील की गुणवत्ता को परखने के लिए शिक्षा विभाग ने यह नई पहल शुरू की है। यही नहीं अधिकारी कभी भी स्कूल में छापा मारकर खाने की गुणवत्ता को परखेंगे। बच्चों को परोसे गए खाने में यदि कोई कमी नजर आती है तो स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई भी होगी।

केंद्र सरकार ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए जूनियर हाईस्कूल तक के सभी स्कूलों में मिड डे मील (मध्याह्न) शुरू किया था। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों की संख्या भी बढ़ी। कुछ दिन तो यह व्यवस्था ठीक रही, लेकिन बाद में धीरे-धीरे खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।

कई बार बच्चों को बासी व खराब खाना परोसने की घटनाएं भी सामने आईं। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रधानाचार्यों को मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने भोजन में कमी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रधानाध्यापक प्रत्येक दिवस मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन बच्चों को उपलब्ध कराएंगे।

172 प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल पर रहेगी नजर
हल्द्वानी। विकासखंड हल्द्वानी में 172 प्राथमिक तथा जूनियर हाईस्कूल हैं। इसमें 140 प्राथमिक विद्यालय तथा 32 जूनियर हाईस्कूल हैं। इसमें मध्याह्न भोजन बनाया जाता है। इसके लिए भोजन माता की भी नियुक्ति की गई है। कोरोना काल के दौरान भोजन की व्यवस्था बंद हो गई थी, लेकिन शासन के आदेश पर एक बार फिर से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था शुरू हुई है। इन सभी स्कूलों पर अधिकारी नजर रखेंगे।

प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक दिन भोजन की गुणवत्ता परखें और चखने के बाद ही बच्चों को परोसें। मीनू के अनुसार भोजन बच्चों को उपलब्ध कराएं। महीने में कभी भी छापामारी कर गुणवत्ता भी जांची जाएगी।
-हरेंद्र कुमार मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी

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