लखीमपुर खीरी: बिना बने ही मुख्यमंत्री से करवा लिया पंचायत भवनों का लोकार्पण

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खमिरया-खीरी, अमृत विचार। गांवों में आमजन की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने अरबो खर्च करके पंचायत भवनों का निर्माण कराकर लोगों को जिला व तहसील मुख्यालय न दौड़ने की योजना बनाई थी। लेकिन उनके अधीनस्थों ने उनके इस सराहनीय कार्य पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। जिसका जीता जागता प्रमाण …

खमिरया-खीरी, अमृत विचार। गांवों में आमजन की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने अरबो खर्च करके पंचायत भवनों का निर्माण कराकर लोगों को जिला व तहसील मुख्यालय न दौड़ने की योजना बनाई थी। लेकिन उनके अधीनस्थों ने उनके इस सराहनीय कार्य पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। जिसका जीता जागता प्रमाण जिले की ईसानगर ब्लाक में देखने को मिल रहा है। जहां करोडो खर्च कर बनवाये गए पंचायत भवनों पर ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया तो कहीं पंचायत भवन की नींव डालकर जिम्मेदारों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। हद तो तब हो गई जब बुधवार को मुख्यमंत्री ने ब्लॉक में बने पंचायत भवन का शिलान्यास ऑनलाइन माध्यम से कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील या अन्य जगह के चक्कर नही काटने पड़ेंगे।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में बने पंचायत भवन में ही ये सुविधाएं उनको मिलेंगी। इसके साथ ही पंचायत भवन में ही एक मिनी बैंक भी खुलेगा, जहां से किसान जरूरत के वक्त पांच हजार रुपये तक अपने बैंक खाते से निकाल सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पंचायत भवनों में ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता पर निस्तारण कराया जाए और उनको जरूरी सुविधाएं समय पर मुहैया कराई जाएं। इसके तहत ही पंचायत भवन में ही बैठकों के साथ ही ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के साथ बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पर उनके इस निर्देश को ताक पर रखकर ईसानगर ब्लॉक के अधिकारियों ने काग़जी घोड़े दौड़ाकर ऑनलाइन शिलान्यास करवाकर वाहवाही लूट ली।

जबकि क्षेत्र की ग्राम पंचायत खनवापुर,दिलावलपुर,गैसापुर,पकरिया में बने पंचायत भवनों पर ग्रामीणों ने कब्जा कर अपना बसेरा बना लिया है वही मटेरिया,अल्लीपुर समेत अन्य कई गांवों में पंचायत भवन अधूरे पड़े है। अल्लीपुर का हाल तो यह है कि नीव रखकर बन्द हुए निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए आजतक किसी को समय ही नहीं मिल पाया। वहीं सूत्रों की माने तो रुद्रपुर में बना पंचायत भवन नदी में समा चुका है। दरिगापुर,सडौरा समेत अन्य कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन जर्जर पड़े हुए है, जिनमें उठने बैठने का मतलब जीवन से खिलवाड़ करना होगा। इस बाबत ब्लॉक में तैनात एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ब्लॉक में अभी तक 31 पंचायत भवन पूर्ण है।जबकि 21 निर्माणाधीन है। बाकी जर्जर है जिसमें से कुछ पर ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा है। बावजूद इसके खंड विकास अधिकारी ईसानगर की सभी 81 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पूर्णतया कंप्लीट होने का दावा कर रहे है।

कब्जा है तो होगी एफआईआर
पंचायत भवनों पर कब्जा करना गंभीर अपराध है यदि किसी ने ऐसा किया है तो वे जांच कराकर ऐसे लोगों के विरुद्ध एफआईआर कराकर जेल भेजवाएंगे। कुछ पंचायत भवनों की निर्माण की गति धीमी है इसको लेकर सभी को निर्देश दिए गए है। अधूरे पंचायत भवन जल्दी ही पूरे कराए जाएंगे। दिसंबर के अंत तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने को कहा गया है।
अनिल सिंह, सीडीओ

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