लखीमपुर खीरी: केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी की मांग ने पकड़ा जोर, धरना प्रदर्शन
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पत्रकारों को अपशब्द कहने और हाथापाई करने की कोशिश करने वाले केंद्रीय गृहराज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धरना-प्रदर्शन के साथ ही ज्ञापन देने का दौर जारी है। कांग्रेस ने गुरुवार को विलोबी मैदान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। वहीं सपा …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पत्रकारों को अपशब्द कहने और हाथापाई करने की कोशिश करने वाले केंद्रीय गृहराज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धरना-प्रदर्शन के साथ ही ज्ञापन देने का दौर जारी है। कांग्रेस ने गुरुवार को विलोबी मैदान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। वहीं सपा ने ने डीएम कार्यालय का घेराव कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभी ने केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी और रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तारी कराने की मांग की। तीन अक्तूबर को तिकुनियां में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे।
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी के बड़े बेटे आशीष मिश्र मुख्य आरोपी हैं। हिंसा के बाद से ही विपक्ष केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार पर हमला कर रही है। बुधवार को ओयल में मदर चाइल्ड में केंद्रीय मंत्री ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे सवाल पूछ लिया था कि उनके बेटे आशीष के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ाई गई हैं। इस पर उनका क्या कहना है। इस बात पर केंद्रीय मंत्री भड़क गए थे और पत्रकार को अपशब्द कहते हुए मोबाइल छीनने और हाथापाई करने की कोशिश की थी। इसके बाद एक बार फिर विपक्ष ने सरकार और केंद्रीय मंत्री को कठघरे में खड़ा कर दिया और उनकी बर्खास्तगी, रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।
गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता विलोबी मैदान पर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि तिकुनियां में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे किसानों को केंद्रीय मंत्री के पुत्र आशीष ने चार किसानों व एक पत्रकार को रौंद दिया। नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार ने जनता विरोधी चेहरा दिखाते हुए इस्तीफा नहीं लिया। पत्रकारों के साथ बुधवार को जो हुआ। वह दबंगई का नमूना है। ऐसे व्यक्ति को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश महासचिव अभिषेक पटेल ने कहा कि सरकार मंत्री का इस्तीफा न लेकर यह संदेश देना चाहती है कि उसका जनता से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त कर उन पर मुकदमा चलाने की मांग की। इस दौरान सिद्धार्थ त्रिवेदी सहित तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे।
उधर सपा कार्यकर्ता लोहिया भवन कार्यालय पर एकत्र हुए, जहां से जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचे और घेराव कर प्रदर्शन किया और बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने कहा कि पत्रकारों के साथ दुर्व्यहार नहीं किया जाना चाहिए था। पत्रकारों के खिलाफ इस तरह का आचरण करने वाले मंत्री को पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान अंसार महलूद, मोहम्मद कयूम खां, आशीष पटेल, तृप्ति अवस्थी, आखाश गुप्ता, रियाजुल्ला खां सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
