कानपुर: मांगे नहीं मानी गई तो फार्मासिस्ट तेज करेंगे आंदोलन

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कानपुर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले 20 सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्ट आठवें दिन भी 2 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार किया। साथ ही फार्मासिस्ट ने अब यह तय किया है कि अगर उनकी मांगों को लेकर सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की तो वह लोग 17 दिसंबर से पूर्ण हड़ताल पर जा रहे …

कानपुर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले 20 सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्ट आठवें दिन भी 2 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार किया। साथ ही फार्मासिस्ट ने अब यह तय किया है कि अगर उनकी मांगों को लेकर सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की तो वह लोग 17 दिसंबर से पूर्ण हड़ताल पर जा रहे है। इस हड़ताल के दौरान सिर्फ इमरजेंसी और पोस्टमॉर्टम में ही काम होगा।

साथ ही अगर सरकार ने हमारी मांगों को लेकर कुछ नहीं करती है तो 20 दिसंबर से इमरजेंसी और पोस्टमार्टम में भी हम लोग काम बंद कर देंगे। यह बात फार्मासिस्ट एसोसिएशन कानपुर के अध्यक्ष दिलीप सचान ने गुरुवार को कही। बता दें कि,प्रदेश भर के डिप्लोमा फार्मासिस्ट की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर चार दिसंबर से रोजाना दो घंटे कार्य बहिष्कार कर रहे थे। बुधवार को भी दिलीप सचान ने सरकार को चेताया था कि 24 घंटे में मांगें नहीं मानी जाती है तो वह अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

अगर शुक्रवार से फार्मासिस्ट हड़ताल पर चले जाते है तो मरीजों और तीमारदारों को दवाओं को लिए भटकना पड़ेगा। ऐसा ही गुरुवार को भी देखने को मिला। कई मरीज बिना दवा लिए ही अस्पताल से लौट गए। ग्रामीण इलाकों में बनी सीएचसी से भी मरीजों को बिना दवा दिए ही लौटना पड़ा। इस हड़ताल में आयुष्मान भारत की मेडिकल स्टोर भी शामिल है।

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