झांसी रेलवे चिकित्सालय में शुरू हुई आरटी-पीसीआर जांच

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झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल रेलवे चिकित्सालय में ट्रूनेट मशीन के चालू होने के साथ ही कोरोना मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा प्रारंभ हो गयी है। झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार ने शुक्रवार को बताया कि ट्रूनेट मशीन के शुरू होने से कोरोना मरीजों की आरटीपीसीआर जांच के लिए …

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल रेलवे चिकित्सालय में ट्रूनेट मशीन के चालू होने के साथ ही कोरोना मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा प्रारंभ हो गयी है। झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार ने शुक्रवार को बताया कि ट्रूनेट मशीन के शुरू होने से कोरोना मरीजों की आरटीपीसीआर जांच के लिए रेलवे चिकित्सालय की मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल पर निर्भरता खत्म हो गयी है।

अभी तक मरीजों की यह जांच के लिए रेलवे चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज भेजी जाती थी। जिसके कारण रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। कोविड की दूसरी लहर के दौरान रेलवे लाभार्थियों को इस असुविधा से राहत देने के लिए कोविड जांच के लिए ट्रूनेट मशीन की आवश्यता महसूस की जा रही थी। इस मशीन की ओर से मरीजों को कोविड जांच की रिर्पोट उसी दिन उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि ट्रूनेट आरटी-पीसीआर मशीन के संचालन के लिए आईसीएमआर से मंजूरी लेना जरूरी होता है और इसके सभी मापदंड भी पूरा करना होता है। आईसीएमआर की ओर से निर्धारित मानको में चिकित्सालय में माइक्रोबायोलॉजिस्ट की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण आदि की पर्याप्त जगह की उपलब्धता भी शामिल है।

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वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी / गाईकोवायोलॉजी की ओर से इन सभी मापदण्डों और अन्य जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। जिसके उपरान्त आईसीएमआर ने रेलवे चिकित्सालय को ट्रूनेट आरटी-पीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा पैथोलॉजी लैब को उत्तर प्रदेश राज्य के कोविड पोर्टल पर भी पंजीकृत कर लिया गया है। यह सुविधा अब सुचारू रूप से चालू हो गई है।

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