हल्द्वानी: विजय दिवस के कार्यक्रमों में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उपेक्षा से गुस्साए कांग्रेसी, भाजपा सरकार को कोसा
हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस ने विजय दिवस के सरकारी कार्यक्रमों में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की उपेक्षा पर आक्रोश जताया है। कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा पर द्वेष भावना से राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल प्रदेश व प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने शुक्रवार को स्वराज आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस ने विजय दिवस के सरकारी कार्यक्रमों में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की उपेक्षा पर आक्रोश जताया है। कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा पर द्वेष भावना से राजनीति करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल प्रदेश व प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने शुक्रवार को स्वराज आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि वर्ष 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में सेना ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और बांग्लादेश बना था। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। भाजपा प्रदेश सरकार ने विजय दिवस पर कार्यक्रम किए लेकिन इनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की उपेक्षा की गई, जबकि इंदिरा गांधी का देश के प्रति योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। जिन्होंने अपने प्राण देश के लिए न्योछावर कर दिये। इस दौरान राहुल छिमवाल, खजान पांडे, अवध बिहारी शर्मा आदि मौजूद थे।
दून में राहुल गांधी की रैली से घबरा गई भाजपा
जिलाध्यक्ष नैनवाल ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की दून में ऐतिहासिक रैली से भाजपा घबरा गई है। दून से दिल्ली तक के नेता हिल गए हैं इस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 दिसंबर को प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी। अब सरकारी मशीनरी को झोंका गया है ताकि भविष्य में कोई रैली हो तो सफल बनाया जा सके।
जिस स्टेडियम में झाड़ी नहीं काटी, वहां से क्या विकास के दावे होंगे
प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने कहा कि कांग्रेस ने गौलपार में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाया था। इस स्टेडियम में पांच साल भाजपा सरकार के मंत्री, विधायक झांकने नहीं गये। जबकि इस स्टेडियम का लाभ कुमाऊं के खिलाड़ियों को मिलता। पांच सालों में स्टेडियम की झाड़ी नहीं काटी गई। अब ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस तरह विकास के दावे करेंगे। जनता को विकास के जवाब नहीं दे पायेंगे।
