नया मुरादाबाद में कार्यालय की शिफ्टिंग से आगे नहीं बढ़ा पाया एमडीए
मुरादाबाद, अमृत विचार। साल 2021 में विकास प्राधिकरण ऐसा उलझा कि उसके कई कार्य सिर्फ कागजों में ही दबे रह गए। निर्यातकों के लिए बनाया जाने वाला सोर्सिंग हब, इस साल भी नहीं बन सका। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन निर्माण अधूरा है। वर्ष 2018 में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना भी इस …
मुरादाबाद, अमृत विचार। साल 2021 में विकास प्राधिकरण ऐसा उलझा कि उसके कई कार्य सिर्फ कागजों में ही दबे रह गए। निर्यातकों के लिए बनाया जाने वाला सोर्सिंग हब, इस साल भी नहीं बन सका। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन निर्माण अधूरा है। वर्ष 2018 में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना भी इस साल पूरी नहीं हो सकी।
कांठ रोड को दिल्ली रोड से जोड़ने के लिए एमडीए का स्मार्ट रोड भी बनकर तैयार नहीं हो सका। इस तरह की कई योजनाएं सिर्फ एमडीए के कागजों तक ही सीमित रहीं। एमडीए के कई कार्य इस साल कोरोना की वजह से भी प्रभावित रहे, पर ज्यादा देरी का कारण विभाग का आलसी रवैया रहा।
साल अब पूरा होने जा रहा है। कम समय में अब यह प्राधिकरण अपने रुके कार्य कितने साकार कर सकता है, फिलहाल अधिकारी भी इस पर कोई दम भरने से कतरा रहे हैं। फिलहाल एमडीए ने इस साल सिर्फ अपना कार्यालय ही नया मुरादाबाद में शिफ्ट किया है।
एमडीए के स्मार्ट रोड की नहीं हुई शुरुआत : मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा साल 2019 में अगवानपुर से नया मुरादाबाद तक स्मार्ट रोड बनाने की योजना बनाई गई थी। पिछले साल हुई बोर्ड की बैठक में इसका प्रस्ताव भी पास हो गया था। स्मार्ट रोड को 2020 तक तैयार करना था। इसके बाद एमडीए ने स्मार्ट रोड के लिए किसानों से जमीन खरीदनी शुरू की थी। किसान स्मार्ट रोड के लिए जमीन देने को तैयार हो गए थे, लेकिन रोड के आसपास कालोनी बनाने के लिए किसानों ने जमीन देने से इंकार कर दिया था। जिसके चलते एमडीए का स्मार्ट रोड 2021 में भी नहीं बन पाया।
9 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया सोर्सिंग हब : मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा दिल्ली रोड पर निर्यातकों के लिए सोर्सिंग हब बनाने की योजना बनाई थी। साल 2012 में सोर्सिंग हब बनने का प्रस्ताव पास हुआ था। ठेकेदार द्वारा सोर्सिंग हब की बिल्डिंग को लगभग तैयार करा दिया गया था। लेकिन, बीच में इसका निर्माण रोक दिया गया था। सोर्सिंग हब की इमारत बनाने के लिये 25 करोड़ का बजट पास हुआ था। कई बार निर्यातकों ने इसके निर्माण के लिए सचिव व उपाध्यक्ष से मुलाकात भी की। एमडीए उपाध्यक्ष ने इस साल सोर्सिंग हब को चालू कराने की बात कही थी। यह साल खत्म होने जा रहा है। लेकिन, अभी तक सोर्सिंग हब की शुरुआत नहीं हो पाई है। फिलहाल एमडीए इसे लीज पर देने पर मंथन कर रहा है। प्राधिकरण को संभल रोड स्थित टीपी नगर व रामपुर रोड पर बनी कबीर नगर कालोनी को नगर निगम के हवाले करना था। लेकिन, दोनों कालोनियों को प्राधिकरण इस साल में नगर निगम के हवाले नहीं कर पाया।
प्रधानमंत्री आवास योजना भी अभी अधूरी
साल 2018 में प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना में चार साल बाद भी अधूरी है। पीएम योजना के तहत 1744 आवासों का निर्माण कर शहर के गरीब लोगों को दिए जाने थे, लेकिन अब 1008 आवास बनकर तैयार हो पाए है। अन्य आवासों का निर्माण चल रहा है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि इस साल के अंत तक अन्य आवासों का निर्माण भी पूरा हो जायेगा।
एमडीए सचिव एसके गुप्ता का कहना है कि इस साल प्राधिकरण ने शहर के लिए कई काम किए है। कोरोना महामारी के कारण विकास योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवास तैयार हो गए है। स्मार्ट रोड के लिए किसानों से जमीन की बात चल रही है। एमडीए की कई कालोनियों में निर्माण कार्य चल रहे है।
