बरेली: दहेज हत्या में पति को 14, सास-ससुर को 7 वर्ष की कैद
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमार-तृतीय ने दहेज को लेकर हुई महिला की हत्या के मामले में आंवला के ताड़गंज निवासी पति जाबिर को 14 व सास-ससुर को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्राइम सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि उनके निर्देशन में अभियोजन ने पैरवी करते …
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमार-तृतीय ने दहेज को लेकर हुई महिला की हत्या के मामले में आंवला के ताड़गंज निवासी पति जाबिर को 14 व सास-ससुर को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्राइम सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि उनके निर्देशन में अभियोजन ने पैरवी करते हुए दोषियों को दंड दिलाया।
मृतका के पिता इसरार अहमद ने थाना में 9 मार्च 2016 को तहरीर देकर बताया कि 11 माह पूर्व बेटी नूरूलनिशा का निकाह जाबिर के साथ किया था। हैसियत के अनुसार निकाह में दान-दहेज दिया था, लेकिन शादी के बाद नूरूल निशा का पति जाबिर, ससुर बुद्वी, सास मकसूदन कम दहेज को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। दहेज में दो लाख रुपये लाने की मांग करते थे। कई बार समझाया। 70 हजार रुपये कर्जा लेकर भी दिए, मगर व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।
8 मार्च 2016 को बेटी का फोन आया। उसने बताया कि सभी लोग उसके साथ गाली गलौच कर रहे हैं। जान से मारने की साजिश कर रहे हैं। वह बाहर होने की वजह से तुरंत नहीं पहुंच सके। सोचा कल जाकर समझाबुझा दूंगा, मगर रात 11 बजे सूचना मिली कि सभी ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या कर दी है।
ससुराल आए तो ससुरालियों ने बेटी की लाश तक नहीं दिखाई। बेटी का एक दो माह का बेटा भी है। वह भी उन्हीं के पास है। पुलिस ने पति, सास-ससुर के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन ने 11 गवाह कोर्ट में पेश किए थे।
