बरेली: शासन के पास पहुंचा प्रस्ताव, अब जल्द पास कराने की चुनौती
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम प्रशासन ने हाउस टैक्स पर ब्याज माफी के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है लेकिन शासन से इस पर मंजूरी मिलने में देरी हुई तो करदाताओं को इससे कोई खास फायदा मिलने में भी दिक्कत होगी चूंकि वित्तीय साल अंतिम दौर में पहुंच रहा है। इसलिए नगर निगम के …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम प्रशासन ने हाउस टैक्स पर ब्याज माफी के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है लेकिन शासन से इस पर मंजूरी मिलने में देरी हुई तो करदाताओं को इससे कोई खास फायदा मिलने में भी दिक्कत होगी चूंकि वित्तीय साल अंतिम दौर में पहुंच रहा है। इसलिए नगर निगम के अधिकारियों को इस प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए शासन में खास पैरवी करनी होगी। वरना वित्तीय साल बीतने के साथ इस कोशिश पर भी पानी फिर जाएगा। बता दें कि नगर निगम ने रविवार को सदन की विशेष बैठक बुलाकर इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के साथ इसकी रिपोर्ट शासन में भी भेज दी है।
कोविड काल में आर्थिक दिक्कत को देखते हुए भवन स्वामियों को राहत देने के लिए हाउस टैक्स बिलों पर लगे ब्याज का माफ करने की गेंद अब शासन के पाले में जा पहुंची है। नगर निगम प्रशासन से नगर निगम बोर्ड सदस्यों की सहमति के बाद प्रस्ताव को शासन को भेज दिया है। अंतिम निर्णय शासन को लेना है। 28 अगस्त को ब्याज माफी की घोषणा के बाद से भवन स्वामी कर में ब्याज की राहत पाने का इंतजार कर रहे थे लेकिन नगर निगम के पास इसका कोई शासनादेश न मिलने से जनता को कर में राहत नहीं मिल पा रही थी।
इसके चलते 60 से 70 फीसदी तक नगर निगम के करदाताओं ने अपने कर की अदायगी नहीं की है। इस वजह से नगर निगम को हाउस टैक्स वसूली न होने की वजह से काफी नुकसान हुआ है। विकास के काम अटक गए हैं। शासन ब्याज माफी स्कीम लागू करती है तो करदाता बिल जमा करने को तैयार हैं। करदाताओं का कहना है कि बिजली विभाग से लेकर अन्य विभागों में बिलो में छूट के साथ एक समाधान योजना लागू है।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि करदाताओं पर 31 मार्च 2022 तक संपत्ति कर के रूप में करीब 1.96 अरब रुपये का बकाया चल रहा है। यह रकम तो उन बकायेदारों पर है। अभी 50 हजार ऐसे भवन हैं जो जीआईएस सर्वे में शामिल हुए हैं। नगर निगम के अधिकारियों के सामने अब चुनौती यह है कि कर में छूट का फायदा लोगों को इसी वित्तीय यानी 31 मार्च 2022 तक मिलना है। इसलिए इस छूट का लाभ दिलाने के लिए नगर निगम प्रशासन से शासन को भेजे गए ब्याज माफी के प्रस्ताव को तेज पैरवी करने के साथ ही स्वीकृत कराना होगा।
नगर निगम बोर्ड ने जो प्रस्ताव पास किया है उसको शासन को भेज दिया गया है। अब शासन के दिशा निर्देशों का पालन करना है। इसकी स्वीकृति जल्द दिलाने के लिए शासन में भी पैरवी होगी। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
