हल्द्वानी: गौलापार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम नहीं अब प्रधानमंत्री एमबी इंटर कॉलेज मैदान में करेंगे जनसभा
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। पहले उनकी जनसभा गौलापार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में होनी थी लेकिन अब जनसभा का स्थल बदल दिया गया है। रैली का आयोजन 30 दिसंबर को होना निश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री पहली बार हल्द्वानी में चुनावी जनसभा …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। पहले उनकी जनसभा गौलापार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में होनी थी लेकिन अब जनसभा का स्थल बदल दिया गया है। रैली का आयोजन 30 दिसंबर को होना निश्चित किया गया है।
प्रधानमंत्री पहली बार हल्द्वानी में चुनावी जनसभा करेंगे। उनके कद को देखते हुए गौलापार के स्टेडियम में जनसभा स्थल को तय किया गया था। इसके लिए प्रभारी जिला मंत्री यतीश्वरानंद ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सहित अन्य अधिकारियों के साथ स्टेडियम का निरीक्षण किया था। इसके बाद तय किया गया था कि 24 दिसंबर को इसी स्टेडिय में चुनावी जनसभा कराई जाएगी।
तय किया गया था कि जनसभा में एक लाख लोगों को बुलाया जाएगा। इसके बाद चुनावी जनसभा को रद कर दिया गया। हालांकि तब भाजपा नेताओं की ओर से यह नहीं बताया गया था कि चुनावी जनसभा के साथ ही जनसभा स्थल को भी बदला जा रहा है। फिर भी इस बात के कयास लगाए गए थे कि जनसभा स्थल भी बदला जा सकता है। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट के साथ सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह व अन्य अधिकारियों ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। जिलाध्यक्ष बिष्ट ने बताया कि इस बात की संभावना है कि अब प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा इसी स्थल पर होगी। हालांकि इससे ज्यादा कुछ भी बताने से उन्होंने इंकार कर दिया।
अभी मैदान में चल रही है नुमाइश
हल्द्वानी। एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में अभी नुमाइश चल रही है। इस नुमाइश का आयोजन 24 दिसंबर तक होना है। इसके बाद यह नुमाइश हट जाएगी। इसके बाद मैदान को प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए तैयार किया जाएगा।
इंदिरा नाम और स्टेडियम बना मुद्दा
हल्द्वानी। माना जा रहा है कि गौलापार में जनसभा स्थगित करने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्टेडियम का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर होना है। साथ ही भाजपा स्टेडियम का निर्माण होने के बाद इसे खेल विभाग को पांच साल में हस्तांतरित कर पाई। साथ ही स्टेडियम के समीप ही पूर्व में प्रस्तावित आईएसबीटी का मैदान पड़ा है, जहां कांग्रेस के समय काम शुरू हो गया था। बाद में भाजपा सरकार के समय में यहां पर काम रूकवा दिया गया था। इधर इसके पास में कांग्रेस शासन के दौरान बनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय जू का मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। भाजपा को अनुमान था कि कांग्रेस इन सबको मुद्दा बना सकती है।
