वाराणसी में एक छत के नीचे होगा तीन चिकित्सा पद्धति से इलाज, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

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वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक विशिष्ट अस्पताल बनाया गया है। जिसमें एक ही छत के नीचे तीन चिकित्सा पद्धतियों से रोगियों का इलाज किया जायेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार आगामी गुरुवार को वाराणसी दौरे पर आ रहे पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस अस्पताल का उद्घाटन …

वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक विशिष्ट अस्पताल बनाया गया है। जिसमें एक ही छत के नीचे तीन चिकित्सा पद्धतियों से रोगियों का इलाज किया जायेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार आगामी गुरुवार को वाराणसी दौरे पर आ रहे पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस अस्पताल का उद्घाटन कर सकते हैं।

गौरतलब है कि मोदी वाराणसी में पांच लाख लीटर दूध की उत्पादन क्षमता वाले अमूल डेयरी सयंत्र का 23 दिसंबर को शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वाराणसी में 50 बेड वाले ‘एकीकृत आयुष चिकित्सालय’ का निर्माण कार्य पूरा होने के कारण मोदी की ओर से इस अस्पताल का भी उद्घाटन किये जाने की संभावना है। इस अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के अलावा योग से भी लोगों का इलाज किया जायेगा।

वहीं, योगी सरकार की निगरानी में 50 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी भावना द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन और उप्र राज्य आयुष सोसाइटी ने मिलकर 9 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल को बनाया है। इसकी निर्माण लागत में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केन्द्र सरकार की और 40 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार की है।

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इससे वाराणसी के अलावा पड़ोसी जिलों जैसे- चंदौली, मिर्जापुर और भदोही के लोगों को स्वास्थ सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अस्पताल में हर्बल औषधियों की आपूर्ति के लिये अस्पताल परिसर में ही हर्बल गार्डन भी विकसित किया गया है। इसके सरकार का दावा है कि इससे पूर्वांचल के किसानों और गोपालकों की आय में वृद्धि होने के अलावा लगभग एक लाख लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा। इसके साथ ही बनारस काशी संकुल परियोजना के अंतर्गत 475 करोड़ के लागत से यह सयंत्र बनेगा। साथ ही लगभग पांच लाख लीटर दूध उत्पादन क्षमता वाला यह सयंत्र दो साल में बनकर तैयार होगा। वाराणसी यात्रा के दौरान मोदी उप्र के 1.74 लाख दुग्ध उत्पादकों के लिये 35.19 करोड़ की बोनस राशि भी जारी करेंगे।

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