बरेली: ओमिक्रान के डर से हज यात्रा पर जाने से बच रहे अकीदतमंद

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना के नए वेरिएंट ऑमिक्रान के खतरे ने हज जाने वालों के आवेदन की रफ्तार धीमी कर दी है। आवेदन शुरू हुए डेढ़ महीना हो चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश के हज कोटे की सीटों का 10 फीसद भी आवेदन नहीं हुए हैं। अब तक पूरे प्रदेश से लगभग 2699 लोगों ने …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना के नए वेरिएंट ऑमिक्रान के खतरे ने हज जाने वालों के आवेदन की रफ्तार धीमी कर दी है। आवेदन शुरू हुए डेढ़ महीना हो चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश के हज कोटे की सीटों का 10 फीसद भी आवेदन नहीं हुए हैं। अब तक पूरे प्रदेश से लगभग 2699 लोगों ने ही आवेदन किया है। बरेली मंडल की बात करें तो यहां भी यही स्थिति है। बरेली में 20 फीसद भी आवेदन अब तक नहीं आए हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।

बरेली हज सेवा समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि कोरोना संक्रमण फैलने से पहले बरेली का कोटा वर्ष 2019 में करीब 1100 के आसपास था। कोरोना के चलते 2020 व 2021 की हज यात्रा निरस्त कर दी गई थी। सेंट्रल हज कमेटी ने अब तक सीटों का निर्धारण नहीं किया है। लेकिन बीते सालों में मिले कोटे के हिसाब से अब तक संभावित हज कोटे की सीटों का 20 फीसद भी आवेदन नहीं हुआ है। पूरे मंडल में पिछली हज यात्रा में 1500 से लेकर लगभग 2000 हज आवेदन भरे जाते थे।

लेकिन अभी तक बरेली में लगभग 150, शाहजहांपुर से 25, बदायूं से 21, पीलीभीत से 30 आवेदन ही मिले हैं। माना जा रहा है कि लोग कोरोना और ऑमिक्रान के नए वेरिएंट से दहशत में हैं जिसकी वजह से पवित्र हज यात्रा पर भी जाने से बच रहे हैं। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार फोन आने लगे हैं। हज आवेदन की रफ्तार इस बार सुस्त है। हालांकि अंतिम दिनों में यह संख्या बढ़ भी सकती है। दुआ यही है कि सब साथ खैरियत से हज यात्रा पर जाएं और सही सलामत वापस लौटें।

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