हल्द्वानी: पहले 250 करोड़ और अब 1.5 करोड़ का बजट घुस गया गड्ढों में
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वयं मुख्यमंत्री ही अपने फरमान को भूल गए। तभी तो उनका काफिला सड़कों के गड्ढों से होकर गुजर गया, लेकिन उन्हें याद ही नहीं रहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। साथ ही फरमान की अवहेलना करने पर कार्यवाही की चेतावनी दी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वयं मुख्यमंत्री ही अपने फरमान को भूल गए। तभी तो उनका काफिला सड़कों के गड्ढों से होकर गुजर गया, लेकिन उन्हें याद ही नहीं रहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। साथ ही फरमान की अवहेलना करने पर कार्यवाही की चेतावनी दी थी। लोनिवि द्वारा गड्ढे भरने के लिए 1.5 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी दिया, फिर भी सड़कें वैसे की वैसी हैं।
गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला एमबी इंटर कॉलेज पहुंचा। एमबी इंटर कॉलेज जाने वाले दोनों रास्तों पर गड्ढों के बीच होकर उनका काफिला निकला। मुख्यमंत्री को स्वयं ध्यान नहीं रहा कि उन्होंने लोनिवि को शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे। गड्ढा युक्त सड़क से गुजरने के बाद भी उन्हें याद ही नहीं आया कि पिछले 10 नवंबर को वह खुले मंच से लोनिवि को 18 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का समय दिया था। इसके बाद सड़कों में गड्ढे होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अब साहब को ही याद नहीं है तो फिर उनके अधीन कार्य करने वाला सरकारी अमला तो काम करने से रहा।
दो बार मिल चुका का करोड़ों का बजट
हल्द्वानी। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बजट दे रहे हैं। पहले उन्होंने ढाई सौ करोड़ रुपये दिए और इसके बाद 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि दी। बावजूद शहर की सड़कों के गड्ढे वैसे के वैसे ही बने हुए हैं। लोनिवि ने कुछ स्थानों पर गड्ढों को काले तेल एवं अखबार के सहारे भरने का प्रयास भी किया, लेकिन दो दिन के अंदर ही वह उखड़ गए। गड्ढा भरने में प्रयोग की गई गिड्डी अब राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं।
उक्त सड़क नगर निगम के अधीन है। इन सड़कों के गड्ढे भरने का कार्य भी नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। यदि सड़क में गड्ढे हैं तो वह भर दिए जाएंगे।
– अशोक चौधरी, अधिशासी अभियंता लोनिवि
