बरेली: रेलवे में स्काउट व संस्कृति कोटे से नहीं मिलेगी नौकरी, हजारों का सपना टूटा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। रेलवे बोर्ड के एक आदेश से रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे हजारों स्काउट गाइड की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। रेलवे में क्षेत्रीय जोन स्तर पर स्काउट गाइड कोटे पर रोक लगा दी गई। रेलवे स्काउट गाइड अवार्ड बच्चों को उनकी सेवा के आधार पर नौकरी दी जाती थी। …

बरेली, अमृत विचार। रेलवे बोर्ड के एक आदेश से रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे हजारों स्काउट गाइड की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। रेलवे में क्षेत्रीय जोन स्तर पर स्काउट गाइड कोटे पर रोक लगा दी गई। रेलवे स्काउट गाइड अवार्ड बच्चों को उनकी सेवा के आधार पर नौकरी दी जाती थी। इसमें पहले वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए रोक लगाई गई थी। अब फिर रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र के मुताबिक स्काउट गाइड कोटा और संस्कृति कोटे से वित्तीय वर्ष 2021-22 में होने वाली भर्ती को स्थगित कर दिया गया है। जबकि स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में नौकरी दी जाती रहेंगी।

स्काउट गाइड के युवाओं को अफसोस यह है कि बीते दिनों कोरोना और लाकडाउन के दौरान जान की परवाह किए बगैर अपनी सेवाएं दीं। लोगों को ब्लड देने से लेकर स्वच्छ भारत सुंदर भारत कार्यक्रम, रेलवे स्टेशनों पर सफाई अभियान, यात्रियों की सेवा उनको जागरूक करने जैसे अभियान में शामिल रहे मगर उनको पुरस्कार देने के बजाय नौकरी देने का कोटा ही बंद कर दिया। इनमें से कई युवा ऐसे हैं जिन्हें राष्ट्रपति अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

एनआरएमयू बरेली शाखा के शाखा मंत्री राजेश दुबे ने बताया कि स्काउट गाइड कोटा दोबारा शुरू करने के लिए यूनियन स्काउट के बच्चों के साथ मंडल मंत्री से बात करेगी। एआईआर के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा से निवेदन करेंगे ताकि स्काउट गाइड के युवाओं को रोजगार मिल सके और रेल सेवा करके उसको विश्व स्तर पर पहुंचाने में पूरा योगदान दे सकें। स्काउट के जिला सचिव स्काउट मुशर्रफ खान ने भी रेलवे बोर्ड से युवाओं की सेवा को देखते हुए स्काउट कोटा दोबारा खोलने की अपील की है।

रेलवे बोर्ड को हम लोगों की परेशानी को समझना चाहिए। स्काउट गाइड के युवाओं ने काफी मेहनत की है। मैं खुद राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित हूं लेकिन स्काउट का कोटा रोका जाना सही नहीं है। -प्रमोद कुमार, राष्ट्रपति अवार्ड सम्मानित, स्काउट गाइड

स्काउट गाइड के कोटे से भर्तियां दोबारा शुरू की जानी चाहिए। कोरोना काल के दौरान हम लोगों ने काफी मेहनत की। रेलवे में नौकरी का सपना देखा मगर इस फैसले से निराश हैं। -सर्वेश भारती, राष्ट्रपति अवार्ड सम्मानित, स्काउट गाइड

रेलवे में नौकरी का सपना अब अधूरा सा लग रहा है। यात्रियों की सेवा से लेकर कोरोना काल के दौरान अपनी जान पर खेलकर सेवा की। लिहाजा स्काउट कोटा शुरू किया जाना चाहिए। -निधि गौतम , स्काउट गाइड

एक स्काउट बनने के लिए काफी कुछ करना पड़ता है। कई चीजों को छोड़ना भी पड़ता है। रेलवे बोर्ड को हमारे बारे में एक बार जरूर सोचना चाहिए। ताकि रोजगार का सपाना पूरा हो। -आकांशा गौतम,राष्ट्रपति अवार्ड सम्मानित, स्काउट गाइड

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