सत्य को मारने की रणनीति पर काम कर रही है भाजपा: अखिलेश यादव
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बार बार झूठ बोलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्य को मारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा झूठ, अफवाह, नफरत और धोखे की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। सौ झूठ-सौ नेता, बार-बार …
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बार बार झूठ बोलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्य को मारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा झूठ, अफवाह, नफरत और धोखे की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। सौ झूठ-सौ नेता, बार-बार बोलकर भाजपा सत्य को मारने की रणनीति पर काम कर रही हैं। केन्द्र से लेकर राज्य की दोनों डबल इंजन सरकारें इसी षड्यंत्रकारी रीति नीति पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि जनता में बढ़ते आक्रोश के चलते भाजपा को भी अब यह विश्वास होने लगा है कि वह चाहे लाख अनैतिक हथकंडे अपना ले राज्य की सत्ता में उसकी वापसी की दूर-दूर तक उम्मीद नहीं रह गई है। भाजपा की घटिया मानसिकता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि वह अब अपने ही लोगों को भी गुमराह करने पर उतारू हो गई है। यह तो सर्वविदित तथ्य है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से ही हो रहा है।
इस निर्माण कार्य को रोकने का भाजपा सहित किसी के बूते की बात नहीं है फिर भी इस सम्बंध में भाजपा के बड़े नेता अनर्गल बयानबाजी करते नजर आते हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक भाजपा सरकार चूंकि प्रदेश में एक भी अपने विकास कार्य नहीं गिना सकी है। इसलिए वह जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए समाजवादी पार्टी के कामों को ही अपना नाम देती रहती है। एक यूनिट बिजली न उत्पादित करने वाली भाजपा सरकार 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का भी नाटक कर रही है।
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जबकि जगह-जगह बिजली कटौती हो रही है। गांवों में तो आठ घंटा भी विद्युत आपूर्ति नहीं हो पाती है। नौजवान बेरोजगारी से परेशान है। रोजगार है नहीं, उद्योग लग नहीं रहे हैं, पूंजी निवेश की बातें भी हवा में है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व मौसम का मिजाज देखते हुए अब जोर-जोर से बोलते-बोलते चिल्लाने भी लगे हैं। वे पाखंड-प्रताड़ना और प्राणघातक राजनीति के ढिंढोरची हैं। 2022 में प्रदेश की जनता ही भाजपा की कलह और नफरत की राजनीति पर अंकुश लगाएगी। वे दिन भी जल्दी आने वाले हैं जब मतदान के समय प्रदेशवासी भाजपा की जनविरोधी-विकास विरोधी नीतियों और नीयत का पाई-पाई हिसाब करेंगे।
