बरेली: गबन में फंसे प्रधान, सचिव और जेई पर डीएम ने कसा शिकंजा
बरेली, अमृत विचार। पंचायत भवन निर्माण को भेजी धनराशि में सात लाख रुपये गबन करने के मामले में डीएम ने पूर्व प्रधान, सचिव और जेई पर शिकंजा कसा है। तीनों से सात लाख में बराबरी की धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला आलमपुर जाफराबाद …
बरेली, अमृत विचार। पंचायत भवन निर्माण को भेजी धनराशि में सात लाख रुपये गबन करने के मामले में डीएम ने पूर्व प्रधान, सचिव और जेई पर शिकंजा कसा है। तीनों से सात लाख में बराबरी की धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामला आलमपुर जाफराबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत वमियाना का है। सीएम पोर्टल पर ग्रामीणों ने निर्माणाधीन पंचायत भवन में अनियमितताएं समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिलाधिकारी मानवेंद्र कुमार के निर्देश पर डीडी पंचायत महेंद्र कुमार और डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने मौका मुआयना किया तो लापरवाही उजागर हो गई।
मौके पर पंचायत भवन अपूर्ण तो मिला ही साथ में निवर्तमान प्रधान से जब जानकारी मांगी तो वह खुद का बचाव करने में जुट गया। मनरेगा योजना से पंचायत भवन निर्माण में सात लाख रुपये खर्च किया जाना बताया। पंचायत भवन में शौचालय और टाइल्स का कार्य भी अवशेष मिला। जांच में मौके पर मनरेगा से कोई कार्य नहीं होने का पता चलने पर ग्राम निधि और मनरेगा से वास्तव में कितनी धनराशि व्यय की गई। इस संबंध में सचिव से अभिलेख मांगे तो वह भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
लिहाजा निवर्तमान प्रधान रहीस अहमद, सचिव सुरजीत और जेई हर्षवर्धन को सात लाख रुपये का गबन करने का दोषी मानते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई। जिसके बाद तीनों से गबन राशि को तीन हिस्सों में कर सभी से रिकवरी के आदेश हुए हैं। इसके अलावा नोटिस का जवाब निर्धारित समय में संतोषजनक नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
