बहराइच: घोटाले के आरोप में एसडीएम ने दो लेखपालों को किया निलंबित, जानें क्या है पूरा मामला
बहराइच। बहराइच के कैसरगंज में फसल क्षतिपूर्ति सहायता राशि में जमकर घोटाला किया गया था। घोटाले की जानकारी होने पर सहकारिता मंत्री ने शासन को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने शिकायत की जांच कराई तो दो लेखपाल दोषी मिले। इस पर एसडीएम ने लेखपालों को निलंबित कर दिया है। साथ …
बहराइच। बहराइच के कैसरगंज में फसल क्षतिपूर्ति सहायता राशि में जमकर घोटाला किया गया था। घोटाले की जानकारी होने पर सहकारिता मंत्री ने शासन को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने शिकायत की जांच कराई तो दो लेखपाल दोषी मिले। इस पर एसडीएम ने लेखपालों को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच के लिए डीएम को पत्र भेजा है।
बहराइच के कैसरगंज तहसील क्षेत्र में दो माह पूर्व बारिश हुई थी। जिसमें किसानों की धान की फसल चौपट हो गई थी। फसल चौपट की रिपोर्ट तहसील को भेजी गई। इनमें कई ऐसे किसानों को फसल सहायता राशि का लाभ दे दिया गया, जिनके नाम एक बिसवा जमीन भी नहीं है। इसके बावजूद फर्जी किसानों को फसल सहायता राशि का लाभ दिया गया था।
इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने शिकायत एसडीएम और अन्य अधिकारियों से की। फिर भी कार्यवाई शून्य रही। इसकी जानकारी प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को हुई तो उन्होंने शासन को पत्र लिखा था। जिसमें शासन की टीम से जांच कराए जाने की मांग की थी। शासन को पत्र लिखने पर जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी कैसरगंज महेश कुमार कैथल ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया लेखपाल मयंक सिंह और प्रदीप यादव दोषी पाए गए। दोनों लेखपालों को उप जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया है। जबकि उनके विरुद्ध विभागीय जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जिला प्रशासन की इस कार्यवाई से तहसील में तैनात अन्य कर्मचारियों में हड़कंप है। मालूम हो कि जांच में अन्य कर्मचारी भी फंस सकते हैं।
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