काशीपुर: सरकारी अस्पताल के रक्तकोष में गहराया रक्त का संकट
काशीपुर, अमृत विचार। रक्तदान शिविर नहीं लगने से सरकारी रक्त कोष में रक्त का संकट गहरा गया है। कोष में मात्र 10 यूनिट रक्त शेष है। इसके चलते गर्भवतियों व अन्य मरीजों को रक्त के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंकों में रक्त का स्टॉक पर्याप्त है। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल परिसर …
काशीपुर, अमृत विचार। रक्तदान शिविर नहीं लगने से सरकारी रक्त कोष में रक्त का संकट गहरा गया है। कोष में मात्र 10 यूनिट रक्त शेष है। इसके चलते गर्भवतियों व अन्य मरीजों को रक्त के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंकों में रक्त का स्टॉक पर्याप्त है।
एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल परिसर स्थित रक्त कोष में चार हजार यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। यहां से उपलब्ध होने पर रामनगर, बाजपुर, जसपुर आदि स्थानों को भी रक्त मुहैया कराया जाता है। रक्तदान शिविर नहीं लगने के कारण रक्तकोष में ए पॉजिटिव होल ब्लड, पीआरबीसी और ओ पॉजिटिव होल ब्लड, पीआरबीसी 10 यूनिट रक्त शेष है। जबकि बी पॉजिटिव, एबी पॉजिटिव, ए निगेटिव, बी निगेटिव, ओ निगेटिव एबी निगेटिव रक्त खत्म हो चुका है।
बता दें कि प्रतिदिन प्रसव के लिए करीब 5-6 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। रक्तदान शिविर नहीं लगने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही थैलीसिमिया के करीब 50 बच्चे पंजीकृत है जिन्हें जरूरत के हिसाब से महीने में दो बार रक्त चढ़ाना होता है। ऐसे बच्चों के लिए अभिभावकों को भी काफी परेशानी हो रही है। इधर, काशी चैरिटेबल ब्लड बैंक तकनीशियन वीर सिंह ने बताया कि 50 यूनिट रक्त शेष है। पॉजिटिव के अधिकांश ग्रुप हैं और निगेटिव ग्रुप नहीं है। श्रीकृष्णा हॉस्पिटल के ब्लड बैंक प्रभारी प्रदीप चौधरी ने बताया कि ब्लड बैंक में करीब 100 यूनिट रक्त है। निगेटिव ग्रुप की कमी बनी हुई है।
ब्लड बैंक में चार हजार यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। वर्तमान में 10 यूनिट रक्त शेष है। नवंबर में रक्तदान शिविर लगा था। व्यवस्था कर थैलेसीमिया के बच्चों को रक्त दिया जा रहा है। गर्भवतियों के प्रसव के लिए परिजनों को रक्तदाता लाना होता है। स्टाफ संस्थाओं से संपर्क कर रहे हैं। शीघ्र ही रक्तदान शिविर होने की संभावना है।
डॉ. मनु पांडे, प्रभारी ब्लड बैंक, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल काशीपुर
