चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, एक घंटें बढ़ाया वोटिंग का समय, ये मतदाता घर से कर सकेंगे मतदान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। जहां वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ाया जा रहा है। वहीं दिव्यांगजन, बुजुर्ग व कोविड प्रभावित मतदाता घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके अलावा हर विधानसभा क्षेत्र में दो महिला मतदान केंद्र भी बनाये जाएंगे। आज योजना …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। जहां वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ाया जा रहा है। वहीं दिव्यांगजन, बुजुर्ग व कोविड प्रभावित मतदाता घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके अलावा हर विधानसभा क्षेत्र में दो महिला मतदान केंद्र भी बनाये जाएंगे। आज योजना भवन में पत्रकार वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया कि विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ वार्ता के दौरान कई विचार सामने आए हैं। इसके अलावा अधिकारियों के साथ बैठक में कहा गया कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार का प्रलोभन न दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने कोविड प्रोटोकाल के तहत चुनाव कराए जाने पर अपनी सहमति प्रदान की है। पर ये भी कहा है कि मतदान केंद्रों को खुले में ही बनाया जाय। इस दौरान कुछ अधिकारियों के रवैये पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही महिलाओं का अलग से बूथ बनाने की बात कही गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हमारा प्रयास साफ सुथरे और निष्पक्ष चुनाव कराने की है। मतदाता सूची का प्रकाशन 5 जनवरी को किया जाएगा। प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक मतदाता संख्या है पर इसके बाद भी नाम शामिल किए जा सकेंगे। इस बार 52 लाख नए मतदाता शामिल किए गए है।
18 से 19 साल के मतदाताओं की संख्या तीन गुनी बढ़ गई है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव 8 एक हज़ार पुरुष पर 839 महिला मतदाता थे। लेकिन इस बार महिलाओं का अनुपात बढ़कर 868 हो गया है। कुल मिलाकर प्रदेश में 5 लाख महिला मतदाता बढ़ी है। सुशील चंद्र ने बताया कि 10 लाख 64 हज़ार दिव्यांगजन मतदाता हैं। पहली बार 80 वर्ष से अधिक दिव्यांगजन और कोविड प्रभावित लोगों को घर से मतदान की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए आयोग तैयारी कर रहा है।
कोविड को ध्यान में रखकर बूथ की संख्या अब 11 हज़ार बढ़ गई है। अब हर बूथ पर 800 से 850 मतदाता मतदान में हिस्सा ले सकेंगे। सभी पोलिंग बूथ पर पानी आदि की व्यवस्था के साथ ही रैम्प की भी व्यवस्था होगी। हर विधानसभा में 10 आदर्श पोलिंग बूथ बनाये जाएंगे। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में दो महिला बूथ बनाये जाएंगे। इस चुनाव में भी 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह वीवी पैट की व्यवस्था होगी। एक लाख मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग होगी।
मुख्यचुनाव आयुक्त ने बताया कि 2017 के चुनाव में 61 प्रतिशत मतदान हुआ था परन्तु बाद में लोकसभा चुनाव में उह 59 प्रतिशत हो गया। अब आयोग इस चुनाव में वोटिंग बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। इसके लिए उन बूथों को चिन्हित किया गया है जहां वोटिंग कम हुई है। इसके अलावा कोविड वैक्सीन को बढ़ाये जाने की भी बात हुई है। जो शत प्रतिशत यानी कि दोनों डॉज ले चुके होंगे उनको ही चुनाव डियूटी पर लगाया जाएगा। साथ ही बूस्टर भी लगाया जाएगा। साथ ही पोलिंग का समय अब सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा पहले इसका समय सुबह 8 से शाम 5 बजे तक था।
आयुक्त ने बताया कि पूर्व में ही 5000 पुलिस कर्मियों का ट्रांसफर किया जा चुका है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो तीन साल से अधिक समय से कार्यरत है उनका ट्रांसफर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग स्थितियों को ध्यान में रखकर संविधान के अंतर्गत ही चुनाव कराए जाएंगे। कोर्ट की टिप्पणी का भी संज्ञान लिया जाएगा।
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