हल्द्वानी: सोमवार को लड़खड़ा सकती है पेयजल व्यवस्था
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड पेयजल विभाग संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले जल संस्थान और जल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर शनिवार को कर्मचारियों का धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने एलान किया कि अगर इस बार लिखित में उनकी मांगों को नहीं माना गया तो सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार में चले जाएंगे। जल …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड पेयजल विभाग संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले जल संस्थान और जल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर शनिवार को कर्मचारियों का धरना जारी रहा।
कर्मचारियों ने एलान किया कि अगर इस बार लिखित में उनकी मांगों को नहीं माना गया तो सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार में चले जाएंगे। जल संस्थान के कर्मचारी भी प्रदर्शन में
शामिल होंगे। इससे पेयजल व्यवस्था चरमरा सकती है।
शनिवार को मुख्य अभियंता जल निगम दफ्तर के बाहर धरना देते हुए जल निगम कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि जल संस्थान और पेयजल निगम को राजकीय विभाग बनाने, दोनों विभागों के एकीकरण, वेतन और पेंशन कोषागार के माध्यम से जारी करने सहित अन्य मांगों पर 27 अक्तूबर को हुई वार्ता में आश्वासन दिया गया था लेकिन दो माह का समय गुजर जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को इस बार लिखित में नहीं माना गया तो सोमवार से जल संस्थान के कर्मचारियों के साथ अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर समन्वय समिति के संयोजक पूरन मेहरा, भुवन जोशी, सह संयोजक शीतल साह, डीके बंसल, एके कटारिया, एससी पंत, यतेंद्र रावत, दीपेश स्वार, तारा रावत, मोहन राम, सुरेश आर्य, तारी राम, नीरज गुरुरानी, दीपेंद्र सिंह, अभिषेक गुसाई, भानु दुर्गापाल आदि मौजूद रहे।
