बरेली: 20 हजार मुसलमानों के जमा होने के ऐलान को सियासी चश्में से न देखें
बरेली, अमृत विचार। हरिद्वार की धर्म संसद के दौरान 20 लाख मुसलमानों के नरसंहार धमकी के बाद मुस्लिम धर्म संसद में 7 जनवरी को 20 हजार मुसलमानों के साथ इस्लामिया ग्राउंड में जमा होने के ऐलान आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने किया था। वहीं अब पार्टी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने बताया …
बरेली, अमृत विचार। हरिद्वार की धर्म संसद के दौरान 20 लाख मुसलमानों के नरसंहार धमकी के बाद मुस्लिम धर्म संसद में 7 जनवरी को 20 हजार मुसलमानों के साथ इस्लामिया ग्राउंड में जमा होने के ऐलान आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने किया था। वहीं अब पार्टी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने बताया कि 7 जनवरी को इस्लामिया ग्राउंड पर होने वाले कार्यक्रम का सियासत से कोई संबंध नहीं है। वहीं मौलाना तौकीर रजा खान ने कहा कि हमारी बच्चियों पर गलत नजर रखी जा रही है। कुरान का अपमान हो रहा है।
पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखियां की जा रही हैं। हद उस वक्त हो गई जब खुलेआम नरसंहार का ऐलान किया गया। हम सब्र करते रहे हैं और अमन चाहते है न कि दंगे फसाद। अगर हमारे खून से प्यास बुझाकर देश में अमन कायम हो सकता है तो हम देश में अमन के लिए अपना खून देने को तैयार हैं।
मौलाना ने कहा मुसलमान चाहे किसी पार्टी का समर्थक हो किसी को वोट देता हो यह उस का अपना हक है। इसमें सियासत से ऊपर उठ कर सभी लोग शरीक होंगे। इसे सियासी चश्मे से बिल्कुल न देखें। मौलाना ने अपील करते हुए कहा कि जो लोग इस्लामिया ग्राउंड में आए वह रास्ते में कोई नारा नहीं लगाएं। किसी भी सियासी पार्टी से हों लेकिन मुसलमान की हैसियत से शामिल होना चाहिए। किसी भी सियासी झंडे का इस्तेमाल नहीं करें।
