लड़ाई को मजबूती
कोरोना के नए स्वरूप ओमीक्रान के खतरे से पूरी दुनिया सहमी हुई है। देश में ओमिक्रोन के अब तक 1,525 मामले सामने आए हैं। हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण दर में आई गिरावट के बाद लोग सोचने लगे थे कि कोरोना वायरस देश से विदा ले रहा है। जबकि संक्रमण के मामले पिछले तीन …
कोरोना के नए स्वरूप ओमीक्रान के खतरे से पूरी दुनिया सहमी हुई है। देश में ओमिक्रोन के अब तक 1,525 मामले सामने आए हैं। हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण दर में आई गिरावट के बाद लोग सोचने लगे थे कि कोरोना वायरस देश से विदा ले रहा है। जबकि संक्रमण के मामले पिछले तीन माह के उच्चतम स्तर पर हैं। पिछले 24 घंटे में 27,553 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही 284 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,81,770 हो गई है।
देश में अभी तक कोविड रोधी टीके की 145.44 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। सुरक्षा उपायों के लिए सरकार की तरफ से नई पहल की जा रही है। सोमवार से 15 से 18 साल तक के किशोरों को टीका लगाने की शुरुआत हो रही है। 2007 या उससे पूर्व पैदा हुए बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। टीकाकरण के लिए एक दिन में तीन लाख से ज्यादा बच्चों का पंजीकरण किया गया। यानि सरकार ओमिक्रान के संभावित खतरे से निपटने के लिए मुस्तैदी से तैयार है। सरकार के इस कदम से अभिभावकों की चिंताएं कम होने और महामारी से लड़ने में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हालांकि जानकार कह रहे हैं कि बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण की शुरूआत संभावित दुष्प्रभाव की जांच परख के बाद की जानी चाहिए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में वयस्कों और बच्चों पर ‘कोवैक्सीन’ टीके के परीक्षणों के प्रधान जांचकर्ता और ‘इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन’ के अध्यक्ष संजय के. राय ने कहा कि इस निर्णय पर अमल करने से पहले बच्चों का टीकाकरण शुरू कर चुके देशों के आंकड़ों का भी विश्लेषण करना चाहिए।
ऐसा इसलिए भी कि नार्वे, स्वीडन, फिनलैंड, ताइवान, पाकिस्तान, क्यूबा जैसे देशों ने साइड इफेक्ट के चलते बच्चों के टीकाकरण को बीच में ही रोक दिया है। अभी तक विश्व में 100 से अधिक देशों ने अपने यहां बच्चों के टीकाकरण को मंजूरी दी है, जिसमें भारत भी शामिल है, लेकिन दो तिहाई देशों ने टीकाकरण शुरू नहीं किया है।
अमेरिका, कनाडा, यूके, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को, 27 देशों वाले यूरोपीय संघ, वेनेजुएला, ब्राजील, यूएई, बहरीन आदि देशों ने बच्चों का टीकाकरण शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे भयभीत न हों और बचाव व सुरक्षा के उपायों का पालन करते रहें। कोरोना संक्रमण से बचाव के परंपरागत उपायों का हम पालन करते हैं तो बचाव संभव है। वहीं वैक्सीनेशन दूसरा बड़ा हथियार है। कोरोना संकट से सीख मिली है कि दुनिया का कोई देश यदि वैक्सीन या दवाइयों से वंचित रह जाता है तो परिवर्तित स्वरूप फिर कहर बरपा सकता है।
