राजधानी में सकरे रास्तों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण से लग रहा जाम

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लखनऊ। सकरे रास्तों पर अवैध पार्किंग और सड़क के दोनों ओर फल और मेवों के ठेलों से कैसरबाग के नजीराबाद बाजार में रोज लम्बा जाम लगता है। स्मार्ट सिटी के तहत आने वाले इस बाजार में कोई भी सुलभ शौचालय नहीं है, जिससे लोग खुले में टायलेट करने को मजबूर हैं। शासन और प्रशासन से …

लखनऊ। सकरे रास्तों पर अवैध पार्किंग और सड़क के दोनों ओर फल और मेवों के ठेलों से कैसरबाग के नजीराबाद बाजार में रोज लम्बा जाम लगता है। स्मार्ट सिटी के तहत आने वाले इस बाजार में कोई भी सुलभ शौचालय नहीं है, जिससे लोग खुले में टायलेट करने को मजबूर हैं। शासन और प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी व्यापारियों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

व्यापारियों ने बताया कि बाजार में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़कों पर खड़े बेतरतीब वाहनों के चलते बाजार में दिन भर जाम लगा रहता है। जाम के चलते लोग यहां आने से कतराते हैं। बाजार महिलाओं के वस्त्रों के लिए मशहूर है। उसके बाद भी बाजार में महिलाओं के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं से बाजार के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।

राजधानी में लगभग दो सौ साल पुराना नजीराबाद बाजार चिकन कारीगरी के लिए प्रसिद्व है। बाजार में प्रदेश से ही नही देश के हर कोने से खरीदारी के लिए लोग आते हैं। चिकन कारीगरी के वस्त्रों के साथ पारंपरिक आभूषणों की जुगलबंदी भी देखने को मिलती है।

बाजार में सड़कों के दोनों ओर बेतरतीबी से वाहन खड़े होते हैं जिससे दिन भर जाम लगता है। व्यापारियों का कहना है कि शासन से यहां पार्किंग बनाने की मांग की गयी है। इसे लेकर कई बार व्यापारियों की बैठक भी हो चुकी है। यदि यहां पार्किंग बन जाए तो काफी हद तक जाम से राहत मिल सकती है।

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कैसरबाग चौराहे से लेकर अमीनाबाद तक लगभग एक किलो मीटर तक फैले बाजार में एक भी सुलभ शौचालय नहीं है। जिससे ग्राहकों के साथ ही व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूर होकर लोग इधर उधर गलियों में खुले में टायलेट करते हैं। व्यापारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत यहां शौचालय बनना था लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।

पार्किंग नहीं होना बाजार की बड़ी समस्या है। जिसके चलते बाजार में दिन भर जाम लगा रहता है।- सुरेश छबलानी (अध्यक्ष, नजीराबाद व्यापार मंडल)

सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण के चलते व्यापार प्रभावित हो रहा है। लोग जाम के चलते बाजार में आना कम पंसद करते हैं।- जय दासवानी ( उपाध्यक्ष, नजीराबाद व्यापार मंडल)

बाजार में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर पानी न खरीदें तो ना खुद पी सकते है और न ही ग्राहकों को दे सकते हैं।- अनुज गौतम (महामंत्री, नजीराबाद व्यापार मंडल)

महिलाओं के लिए बाजार में सुलभ की व्यवस्था न होने से परेशानी उठानी पड़ती है।- नाजमीन खान (व्यापारी)

बाजार में अतिक्रमण पर नगर निगम और प्रशासन कोई कार्यवाई नहीं करता है। पटरी दुकानदार पूरी सड़कों पर बढते जा रहे हैं, जिससे जाम लगता है। -रविंद्र सोनकर (उपाध्यक्ष, नजीराबाद व्यापार मंडल)

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