हल्द्वानी: अब बाबू बनकर काम करना नहीं चाहते हैं युवा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
यतीश शर्मा, अमृत विचार, हल्द्वानी। अब युवा बाबू बनना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि आईटीआई में आशुलिपिक की 24 में से 16 सीट रिक्त हैं। जबकि कुछ साल पहले आईटीआई में आशुलिपि के लिए प्रवेश होना मुश्किल होता था। एक ओर एमबीपीजी कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या इतनी है कि …
यतीश शर्मा, अमृत विचार, हल्द्वानी। अब युवा बाबू बनना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि आईटीआई में आशुलिपिक की 24 में से 16 सीट रिक्त हैं। जबकि कुछ साल पहले आईटीआई में आशुलिपि के लिए प्रवेश होना मुश्किल होता था।
एक ओर एमबीपीजी कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या इतनी है कि शासन को सांध्यकालीन कक्षाओं की व्यवस्था करनी पड़ी। वहीं, आईटीआई कॉलेज में व्यवसायिक कोर्सो में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पूरी नहीं हो पा रही है। इसे तकनीकर का विस्तार कहे या फिर सरकार की अनदेखी। सरकारी की अनदेखी इसलिए भी कह सकते हैं कि वर्षों से सरकारी विभागों में आशुलिपिक के पद खाली पड़े हुए हैं। इन्हें भरने की ओर शासन का कोई ध्यान ही नहीं है। भर्ती न निकलने के कारण युवा भी अब आशुलिपि का कोर्स करने के इच्छुक नहीं है।
यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से आशुलिपि की सभी सीट भर नहीं पा रही है। हर साल आधे से ज्यादा सीटें खाली रह जाती हैं। इसी तरह का हाल इस वर्ष भी है। वर्ष 2021-22 के लिए आईटीआई में प्रवेश हुए लेकिन आशुलिपि के लिए 24 में से आठ सीट ही भर पाई हैं। जबकि 16 सीटों पर अभी भी प्रवेश के लिए युवाओं का इंतजार है। कुछ इसी तरह का हाल आईटीआई में चल रहे अन्य कोर्सों का भी है। यहां 380 सीटों में से 198 सीटें रिक्त पड़ी हुई हैं। यह हाल तो तब है जब सरकारी नौकरी में केवल आईटीआई किए हुए युवाओं की ही भर्ती की जाती है। बावजूद इसके 380 में से 198 सीट खाली होना युवाओं की अरूचि को दर्शाता है।
विद्युतकार, फिटर कोर्स युवाओं की पसंद
हल्द्वानी। विद्युतकार, फिटर से आईआईटी करने वाले विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। साल 2021-22 में प्रवेश के आंकड़ों देंखे तो विद्युतकार में 20 सीट हैं। इसमें से मात्र चार ही खाली है। इसी तरह फिटर का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की भी हालत है। यहां 20 में से मात्र तीन सीट ही खाली है, जबकि अन्य सीट भरी हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि अन्य कोर्स के मुकाबले विद्यार्थी इन दोनों कोर्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
ट्रेड का नाम कुल सीट रिक्त सीट
विद्युतकार 20 – 04
इलेक्ट्रॉनिक्स 24 – 08
आरएसी 24 – 14
फिटर 20 – 03
टर्नर 40 – 17
मशीनिष्ट 40 – 12
मो. मैके. व्हीकल 24 – 09
वायरमैन 40 – 20
वैल्डर 20 – 12
प्लम्बर 24 – 17
आशुलिपि हिंदी 24 – 16
ऑटो बॉडी पेटिंग 40- 35
ऑटो बाडी रिपेयर 40 – 31
सीटें न भर पाने के कारण ही महिला-पुरुष दोनों कॉलेज को एक किया था। अब भी यही समस्या आ रही है। सीट खाली न रहे इस पर अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। जल्द ही कोई ऐसा प्रयास किया जाएगा कि विद्यार्थियों की रूचि इन कोर्स को करने में बढ़े ताकि सीट खाली न रहे।
– जेएस जलाल, प्राचार्य आईटीआई कॉलेज, हल्द्वानी
