मुरादाबाद : सख्ती के बाद कोर्ट में पेश हुए अफजलगढ़ थाना प्रभारी, जानिए क्या है मामला
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार बिजनौर जिले के अफजलगढ़ थाने के प्रभारी मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए। हत्या और जानलेवा हमले के एक मामले की विवेचना के मामले में कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी वह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। जिस पर कोर्ट ने वेतन रोकने …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार बिजनौर जिले के अफजलगढ़ थाने के प्रभारी मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए। हत्या और जानलेवा हमले के एक मामले की विवेचना के मामले में कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी वह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। जिस पर कोर्ट ने वेतन रोकने के साथ ही उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। इसके बाद विवेचक मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने अपने बयान दर्ज कराएं।
वारदात दो साल पहले ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निर्मलपुर में हुई थी। गांव निवासी विजयपाल सिंह ने ठाकुरद्वारा कोतवाली में अपने भाई रोहिताश के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विजय पाल सिंह का कहना था कि नौ जून वर्ष 2019 मे रोहिताश का पत्नी कलावती से विवाद हो गया था। इस घरेलू विवाद में तैश में आकर रोहिताश ने अपने बच्चे आकाश, शिवानी, सलोनी और रवि के पेट पर कैंची घोंप दी थी। शोर-शराबा होने पर वह लोग मौके पर पहुंचे तो रोहिताश घर से फरार हो गया।
आनन-फानन में घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ठाकुरद्वारा कोतवाली में तैनात निरीक्षक मनोज कुमार को जांच सौंप दी गई थी। वाद-विवेचना के बाद विवेचक मनोज कुमार ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बाद में मनोज कुमार का तबादला बिजनौर जिले में हो गया, मौजूदा समय में वह अफजलगढ़ थाने के प्रभारी है। इधर इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश कोर्ट नंबर दो पुनीत कुमार गुप्ता की कोर्ट में चल रही है।
वहीं हाईकोर्ट ने एक्शन प्लान के तहत इस मामले का जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद कोर्ट ने कई बार नोटिस भेजकर विवेचक मनोज कुमार को गवाही के लिए तलब किया लेकिन हर बार उन्होंने कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर दी। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए विवेचक का वेतन रोकने के साथ ही उनको गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में मुरादाबाद व बिजनौर एसएसपी को पत्र भी जारी कर दिया गया है। कोर्ट की सख्ती के बाद मंगलवार को विवेचक मनोज कुमार कोर्ट पहुंचे। यहां पर उन्होंने अपने बयान दर्ज कराएं। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने उनसे जिरह भी की।
