मुरादाबाद : बच्चे का शव लेकर थाने पहुंचे परिजन, डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग
मुरादाबाद, अमृत विचार। संभल के एक गांव निवासी मजदूर के एक माह के बेटे की गुरुवार सुबह घर पर ही मौत हो गई। उसका रोडवेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर पिता डॉक्टर को फोन करता रहा, मगर उसने तवज्जो नहीं दी। सुबह आठ बजे नवजात ने …
मुरादाबाद, अमृत विचार। संभल के एक गांव निवासी मजदूर के एक माह के बेटे की गुरुवार सुबह घर पर ही मौत हो गई। उसका रोडवेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर पिता डॉक्टर को फोन करता रहा, मगर उसने तवज्जो नहीं दी। सुबह आठ बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजन बच्चे का शव लेकर थाने पहुंचे व डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा। पुलिस ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने इंकार कर दिया। इसके बाद वह शव लेकर घर चले गए।
संभल की सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोखरापुर निवासी नबी वारिस मजदूर हैं। इनके परिवार में पत्नी सायमा परवीन और चार बेटे थे। सबसे छोटा बेटा एक माह का अदनान सूखा रोग से ग्रस्त था। नबी वारिस में अदनान को 31 दिसंबर को रोडवेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने उसे 5 दिन तक अस्पताल में रखा और फिर छुट्टी दे दी।
नबी वारिस का आरोप है कि बुधवार देर रात अचानक बच्चे की हालत बिगड़ गई। उसने दूध पीना बंद कर दिया। इस पर उसने तत्काल डॉक्टर को सूचना दी, मगर डॉक्टर ने कोई तवज्जो नहीं दी। इसके चलते गुरुवार सुबह आठ बजे उसके बेटे की मौत हो गई। गुरुवार सुबह नवी वारिस टैंपो द्वारा अपनी पत्नी के साथ बेटे का शव लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंचा और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
सिविल लाइंस पुलिस ने मामला गलशहीद थाना क्षेत्र का बताते हुए उसे वहां भेज दिया। इसके बाद नबी बारिश बेटे का शव लेकर गलशहीद थाने पहुंचा। वहां पुलिस ने उससे बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इस पर वह बिना कार्यवाही कराए ही शव लेकर अपने घर चला गया।
