बिगड़ते हालात

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमण के दैनिक मामले 214 दिनों के बाद एक लाख के पार पहुंच गए हैं। देश में पिछले साल 7 जून को एक लाख से अधिक मामले आए थे। नए स्वरूप ओमिक्रान के कारण भी संक्रमण की दर में बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण दर बढ़ कर 11.88 …

कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमण के दैनिक मामले 214 दिनों के बाद एक लाख के पार पहुंच गए हैं। देश में पिछले साल 7 जून को एक लाख से अधिक मामले आए थे। नए स्वरूप ओमिक्रान के कारण भी संक्रमण की दर में बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण दर बढ़ कर 11.88 प्रतिशत हो गई है। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ओमिक्रान के 3,007 मामले सामने आए हैं। स्पष्ट है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। जिसके लिए काफी हद तक नया स्वरूप जिम्मेदार है। देश में अभी महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और केरल राज्यों में स्थिति सबसे खराब है। इस बीच टीकाकरण मुहिम तेजी से चल रही है। 15 से 18 साल के नवयुवाओं को भी वैक्सीन की शुरुआत हो चुकी है।

विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे रहे थे कि विश्व में ओमिक्रान की प्रवृत्ति को देखते हुए देश में प्रतिदिन लाखों की संख्या में कोरोना संक्रमित सामने आने के हालात बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ बस्तियों में भी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित सामने आ सकते हैं। लिहाजा लापरवाही नहीं बरतें। अब तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं हालात फिर से बेकाबू ओर न हो जाएं। इससे चिकित्सा तंत्र पर निकट भविष्य में भारी दबाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है। वास्तव में संक्रमण फैलने के मद्देनजर अगले 15 दिन अहम हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ एक कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए बैंकों की तैयारी का आकलन किया।

कई घरेलू रेटिंग एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि का अनुमान भी घटा दिया है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने जहां चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 9.4 प्रतिशत से कम कर 9.3 प्रतिशत कर दिया है। वहीं ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने वृद्धि दर के अनुमान को 10 प्रतिशत से कम कर 8.5-9 प्रतिशत कर दिया है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जहां बचाव के उपायों पर जोर दिया जा रहा है, वहीं इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि लोगों में अनावश्यक रूप से घबराहट न फैल जाए।

कई राज्यों में सप्ताहांत कर्फ्यू लागू है। केंद्र सरकार ने राज्यों से फिर से जिला नियंत्रण कक्ष बनाने के लिए कहा है ताकि मरीजों का मार्गदर्शन किया जा सके। याद रखना होगा कि ओमिक्रान से पूरी दुनिया त्रस्त है और तेजी से फैलने की इसकी क्षमता के मद्देनजर हम सबको किसी भी तरह का जोखिम मोल लेने से बचना चाहिए। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके ही कोरोना से बचा जा सकता है।