हल्द्वानी: मौसम न डाल दे लोकतंत्र के उत्सव में खलल
नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड में इस बार 14 फरवरी को मतदान किया जाएगा। फरवरी माह के पहले पखवाड़े में होने वाले मतदान पर सर्द मौसम का साया पड़ सकता है। मौसम विभाग पहले से ही उत्तराखंड में इस बार रिकॉर्ड तोड़ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी जारी कर चुका है। मौसम …
नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड में इस बार 14 फरवरी को मतदान किया जाएगा। फरवरी माह के पहले पखवाड़े में होने वाले मतदान पर सर्द मौसम का साया पड़ सकता है। मौसम विभाग पहले से ही उत्तराखंड में इस बार रिकॉर्ड तोड़ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी जारी कर चुका है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही उत्तराखंड में इस बार रिकार्ड स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान पहले ही जताया था। मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी होती है। ऐसे में अगर फरवरी में मतदान तिथि के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा तो बर्फबारी हो सकती है।
शुरू में माना जा रहा था कि मौसम विभाग की इस बार उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ने के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य में मतदान अंतिम चरणों में कराया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा था कि राज्य में मतदान मार्च में हो सकता है। लेकिन निर्वाचन आयोग ने दूसरे दौर में ही उत्तराखंड में चुनाव कराने की घोषणा कर दी है।
बारिश व बर्फवारी का अनुमान
उत्तराखंड में फरवरी माह में 25 मिमी औसत बारिश होती है। साथ ही कई बार 2500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो चुकी है। बर्फबारी के दौरान जहां मार्ग अवरूद्ध हो जाते हैं साथ ही बुनियादी सुविधाएं भी खराब हो जातीं हैं।
