रामपुर: अब्दुल्ला जमानत पर जेल से बाहर आकर संभाल सकते हैं चुनाव की कमान

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रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर दर्ज अधिकतर मामलों में कोर्ट से जमानत हो चुकी है। आजम खां के दो मामलों में जमानत मिलना अटकी है। अब्दुल्ला के 34 मामलों में जमानत मिल चुकी है। ऐसे में अब्दुल्ला के जल्द सीतापुर जेल से बाहर आकर चुनाव की कमान संभालने …

रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर दर्ज अधिकतर मामलों में कोर्ट से जमानत हो चुकी है। आजम खां के दो मामलों में जमानत मिलना अटकी है। अब्दुल्ला के 34 मामलों में जमानत मिल चुकी है। ऐसे में अब्दुल्ला के जल्द सीतापुर जेल से बाहर आकर चुनाव की कमान संभालने की संभावना है। बता दें कि आजम खां की पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा पर दर्ज 30 मामलों में कई माह पहले ही जमानत मिल गई थी।

विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के समर्थक अपने नेता सांसद आजम खां के चुनाव में गैर मौजूदगी से निराश थे, इसके लिए तमाम समर्थकों ने उनके रिहाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन तक किए हैं। लेकिन मामला अदालत में है इसलिए इन धरना प्रदर्शन का कोई असर नहीं है। कानूनी मामलों में आजम खां पर दर्ज करीब सौ से अधिक केसों में अधिकतर में जमानत हो चुकी है। दो केस में जमानत अभी नहीं हुई है, एक मामला शत्रु संपत्ति से जुड़ा है, कोर्ट ने इसमें जमानत पर फैसला सुरक्षित कर रखा है।

वहीं अब्दुल्ला आजम के ऊपर दर्ज 34 मामलों में जमानत हो चुकी है। ऐसे में अब्दुल्ला के जल्द सीतापुर जेल से बाहर आकर चुनाव की कमान संभालने की चर्चा है। अब्दुल्ला के जल्द जमानत पर आने की खबर से सपाइयों में उत्साह नजर आ रहा है। सपा सूत्रों के मुताबित जल्द ही अब्दुल्ला आजम के जमानती दाखिल किए जाएंगे, इसके बाद वह जेल से बाहर आ सकते हैं।

अब्दुल्ला आजम के जल्द जेल से आने की उम्मीद है, यह अच्छी खबर है। उनके आने के बाद आजम खां साहब भी जल्द हमारे बीच होंगे, हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। -वीरेंद्र गोयल, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी।

पासपोर्ट, पैनकार्ड और जन्म प्रमाण पत्र मामले में 15 को सुनवाई
पासपोर्ट पैनकार्ड और जन्म प्रमाण पत्र मामले में सोमवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होना थी। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के मुताबिक सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। सपा सांसद आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ 26 फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं। कुछ समय पहले आजम खां की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों सरकार को मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट के मुकदमों के लिए अलग से कोर्ट का गठन करने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने मजिस्ट्रेट कोर्ट गठित कर दी थी।

पीठासीन अधिकारी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम निशांत मान को तैनाती दी गई थी। सोमवार को दो पैनकार्ड, जन्मप्रमाण पत्र और फर्जी पासपोर्ट मामले में सुनवाई होना था।लेकिन होईकोर्ट ने कोरोना को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी।उस गाइड लाइन के मुताबिक सुनवाई नहीं हो सकी।अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी होना है।यह मुकदमें भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराए थे। इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी सुनवाई चल रही है।

आपत्ति जनक टिप्पणी के मामले में 18 तारीख
आपत्ति जनक टिप्पणी के मामले में सेशन कोर्ट एमपी-एमएल कोर्ट में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी।अब इस मामले में 18 जनवरी को सुनवाई होना है। विधानसभा चुनाव का यह मामला साल 2007 का है। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां टांडा में जनसभा कर रहे थे। जनसभा के बाद बसपा नेता धीरज कुमार शील ने टांडा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आजम खां ने जनसभा को संबोधित करते हुए दलितों के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।

पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। सोमवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई होना था।लेकिन नहीं हो सकी। अब इस मामले में 18 जनवरी को सुनवाई नहीं होना है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्या ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में सपा सांसद आजम खां के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।इस मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी।अब 18 जनवरी को सुनवाई होना है।

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