लखनऊ: बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए आयुष मंत्रालय ने बनाई ‘बाल रक्षा किट’

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। देश में तीसरी लहर ने दस्तक देते ही अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है। प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में राजधानी में लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। मंगलवार को 1444 संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के होश उड़े हुए हैं। इस बीच उन माता-पिता की चिंता और भी बढ़ गई है, …

लखनऊ। देश में तीसरी लहर ने दस्तक देते ही अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है। प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में राजधानी में लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। मंगलवार को 1444 संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के होश उड़े हुए हैं। इस बीच उन माता-पिता की चिंता और भी बढ़ गई है, जिनके बच्चे 16 वर्ष से कम आयु के हैं। बच्चों के लिए अभी तक कोरोना टीकाकरण शुरु नहीं किया गया है। लेकिन उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद ने उपाय निकाल लिया है।

आयुष मंत्रालय इसी सप्ताह से बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने वाली ‘बाल रक्षा किट’ ऑनलाइन माध्यम से शुरु करने वाला है। बता दें कि यह फॉर्मूला आयुष मंत्रालय ने पिछले साल बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए लॉन्च किया था।

क्या है बाल रक्षा किट

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसी किट तैयार की है जिसके इस्तेमाल से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ेगी। इसके साथ ही बच्चों को वायरल बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलेगी।

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बच्चे चुंकि सीरप पीने से हिचकते हैं, इसलिए किट में एक बाल रक्षा सिरप रखा गया है, लेकिन यह उस तरीके से कड़वा नहीं होगा जैसा सीरप होता है। इसको तुलसी, गिलोय, दालचीनी, मुलेठी और सूखे अंगूर से मिलाकर बनाया गया है। इसके अलावा इसमें अणु का तेल, च्यवनप्राश और समशमणि वटी को किट में शामिल किया गया है।

रोजाना इस्तेमाल से बढ़ती है बच्चों में इम्युनिटी

आयुष मंत्रालय के आर्युवेद डॉक्टर प्रकाश चंद्र सक्सेना ने बताया कि बाल रक्षा किट को आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देश में इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के प्लांट में तैयार किया गया है। इस किट के रोजाना इस्तेमाल से बच्चों की इम्युनिटी बढ़ती है और यह अभी तक असरदार साबित हुई है। इसे जल्द ही राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा तथा बच्चों के लिए घर-घर ऑनलाइन के माध्यम से भी भेजा जाएगा।

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