लखनऊ: मकर संक्रांति पर लोगों ने उठाया पतंगबाजी का लुत्फ
लखनऊ। मकर सक्रांति पर शुक्रवार को आसमान पतंगों से सतरंगी रहा। सुबह से ही लोग पेच लड़ाने के लिए डोर और पतंगें खरीदते हुए नजर आए। बच्चों को कार्टून बनी पतंगे आर्कषित कर रही थी तो बड़े सवा के तीन और पौनताई खरीदने में लगे हुए थे। ज्यादातर लोग छतों से ही पतंगबाजी करते नजर …
लखनऊ। मकर सक्रांति पर शुक्रवार को आसमान पतंगों से सतरंगी रहा। सुबह से ही लोग पेच लड़ाने के लिए डोर और पतंगें खरीदते हुए नजर आए। बच्चों को कार्टून बनी पतंगे आर्कषित कर रही थी तो बड़े सवा के तीन और पौनताई खरीदने में लगे हुए थे। ज्यादातर लोग छतों से ही पतंगबाजी करते नजर आए।
पूरे शहर में जमकर हुई पतंगबाजी
शहर भर में जमकर पतंगबाजी हुई। खासकर बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। गली-मुहल्लों में अपने-अपने घरों की छतों पर चढ़कर लोगों ने पतंगबाजी की। मकर सक्रांति के दिन पतंगपर्व के रूप में उल्लास के साथ मनाया गया। इस बार भी पौना, मझोली पतंगे ज्यादा दिखाई दी। पतंगबाज एक दूसरे के पेंच काटने के लिए दांव भी लगाए। गुजरते पलों के साथ आसमान में पतंगबाजी का खुमार छाने लगा है। पुराना शहर हो या फिर नई कालोनी।
सुबह के साथ ही हर जगह आसमान में पतंगों की सतरंगी छटा बिखर गई। पुराने शहर के लाजपत नगर और नीबू पार्क के सामने बुद्धा पार्क के पास सुबह से ही आसमान में पतंगों का मेला लग गया। कुछ यही नजारा सआदतगंज, हैदरगंज, चारबाग व आलमबाग सहित अन्य जगह भी देखने को मिला। मकर सक्रांति के दिन आसमान में पतंगों की जंग के साथ एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
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बाजरों में दिन भर बिकता रहा बरेली का मांझा
राजेंद्रनगर के पतंग दुकानदार ने बताया कि वैसे तो अपने शहर में भी पतंग के मांझे बनते हैं, लेकिन बरेली के मांझे की खूब खरीदारी हुई। हमेशा की तरह इसबार भी लखनऊ की पतंग और बरेली का मांझे की मांग सबसे ज्यादा थी। हर शौकीन पतंगबाजों को बरेली का मांझा लेने को आया। पुराने शहर के वजीरबाग के दरीवाला, सआदतगंज के बीबी गंज, मोनीपुरसा व हुसैनगंज सहित कई इलाकों में चल रहे छोटे-बड़े कारखानों में कई दिन पहले से पतंग बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा सैकड़ों घरों में भी महिलाएं व पुरुष पतंग बनाने का काम कर रहे थे।
