अयोध्या: शादी वाले घर में डाला था 31 लाख का डाका, 9 गिरफ्तार
अयोध्या। दर्शननगर में डकैती की घटना को अंजाम देने वाले 9 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक बार फिर से कहीं डकैती डालने की साजिश रच रहे थे। इतने में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों से 5 तमंचा, 3.80 लाख रुपये व स्कॉर्पियो कार बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार …
अयोध्या। दर्शननगर में डकैती की घटना को अंजाम देने वाले 9 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक बार फिर से कहीं डकैती डालने की साजिश रच रहे थे। इतने में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों से 5 तमंचा, 3.80 लाख रुपये व स्कॉर्पियो कार बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 31 लाख रुपये की डकैती डाली थी। सारा पैसा आपस में बांट लिया था। पूरे घटना की रेकी रिश्तेदार मौसा ने ही कराई थी। फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किया बदमाशों को गिरफ्तार
शनिवार-रविवार की रात दो बजकर 25 मिनट पर बूथ नंबर चार स्थित यादव ढाबा के पास कुछ लोग बैठे हुए थे। एसएसपी शैलेश पांडे ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली की ये आरोपी डाका डालने की साजिश रच रहे हैं। मौके पर पुलिस पहुंची तो आरोपी इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने मुश्तैदी दिखाते हुए सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान मो. गनी, नबी हसन, राहत अली, मो. शफी (बेटा-बाप), शेर अली निवासी अब्दुल्लापुर लेदा थाना ठाकुर द्वारा जनपद मुरादाबाद, मुनाजीर हुसैन निवासी कमलीपुर खालसा थाना ठाकुर द्वारा जनपद मुरादाबाद, अकबर निवासी मुस्तापुर खण्डसाल थाना छजलैट जनपद मुरादाबाद, मो. रफी निवासी कमालीपुरी खालसा थाना ठाकुर द्वारा जनपद मुरादाबाद व सालीकराम वर्मा निवासी कनकरपुर थाना पैकोलिया जनपद बस्ती के रूप में हुई।
आरोपियों ने बताया कि दर्शननगर स्थित ग्राम तकपुस में 18 दिसंबर को शिवशंकर वर्मा के घर आरोपियों ने डकैती डाली थी। आरोपियों ने बताया कि शिवशंकर वर्मा की भतीजी अनामिका उर्फ निशा की शादी उसके मौसा सालिकराम वर्मा तय करा रहे थे। पैसे की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
इस दौरान उन्हें सुझाव दिया गया कि खेत बेच दिया जाए। खेत बेच कर काफी पैसा इकट्ठा किया गया था, जिसे घर में ही रखा गया था। इतना पैसा रखा होने की बात पर सालिकराम का माथा ठनका और उसने पैसे हड़पने की योजना बनाई।
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सालिकराम सऊदी अरब में रहता था। उसके साथ मुरादाबाद का मो. नमी व राहत भी रहता था। इसके बाद गनी राहत व उसके पिता मो. सफी ने अन्य बदमाशों के इकट्ठा किया। इसके बाद मो. गनी, नबी हसन व अन्य आरोपी सालिकराम से मिले और पीड़ित के घर जाकर रेकी की और वारदात को अंजाम दिया।
घटना के दिन यहां से जाने के बाद राहत व मो. रुफी मुरादाबाद मे रुक गये और सालिकराम लखनऊ के अस्पताल में पहुंच गया। घटना में 31.30 लाख रुपये लूटा जाना बताया गया, जिसका इन लोगों ने आपस बंटवारा किया था।
