बिना व्यवस्था कैसे हो सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई, विद्यार्थी परेशान…

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लखनऊ। कोरोना की तीसरी लहर के बीच यूपी बोर्ड छात्र—छात्राओं के सामने बड़ी चुनौती है। स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गये हैं, हालात ये हैं कि अभी तक कई विषयों में पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी है और सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था नहीं है। वहीं शिक्षकों का कहना कि अगर अधिकारियों ने …

लखनऊ। कोरोना की तीसरी लहर के बीच यूपी बोर्ड छात्र—छात्राओं के सामने बड़ी चुनौती है। स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गये हैं, हालात ये हैं कि अभी तक कई विषयों में पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी है और सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था नहीं है।

वहीं शिक्षकों का कहना कि अगर अधिकारियों ने कोरोना की दोनो लहरों से सबक लिया होता तो सभी ​विद्यालयों आनलाइन शिक्षण कार्य की व्यवस्था हो गयी होती। दरअसल राजधानी समेत प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है, वहीं पहले से भी नियमित पढ़ाई न होने से बोर्ड परीक्षा में फिजिक्सि, केमेस्ट्री, मैथ्स और अंग्रेजी जैसे विषय अभी भी अधूरे हैं।

सरकारी कॉलेजों के छात्रों का कहना है कि कॉलेजों में कभी शिक्षक नहीं आये तो कभी पढ़ाई ही नहीं करायी गयी, ऐसे में वह बिना पढ़े कैसे परीक्षा देंगे। इस बार करीब 52 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

सरकार ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था पर दे ध्यान

कॉलेजों में आनलाइन शिक्षा व्यवस्था दुरूस्त किए जाने को लेकर वरिष्ठ शिक्षिका छाया शुक्ला कहती हैं कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर किसी तरह से शांत हुई फिर दूसरी लहर आ गयी, अब तीसरी लहर में शिक्षण संस्थान बंद होने की कगार पर हैं, ऐसे में अब सरकार को सबक लेते हुए सरकारी कॉलेजों में आनलाइन शिक्षा व्यवस्था दुरूस्त करना चाहिए।

10 फरवरी तक जारी होगा परीक्षा कार्यक्रम

यूपी बोर्ड हाई और इंटरमीडिएट की शैक्षणिक वर्ष 2021-22 की वर्ष 2022 में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल 10 फरवरी को जारी किया जा सकता है। पहले 2022 के यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए जाने की अंतिम तिथि 24 जनवरी थी। परीक्षा केन्द्र के विवरण में त्रुटियों के मद्देनजर संशोधित सूची 2 फरवरी 2022 तक अपलोड की जाएगी।

70 प्रतिशत कोर्स से ही होगी परीक्षा

पिछले साल यूपी बोर्ड परीक्षा कोरोना के चलते नहीं हो सकी थी, लेकिन 70 प्रतिशत कोर्स से परीक्षा कराये जाने की घोषणा की गयी थी। ऐसे में बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि कहना है कि इस बार अगर परीक्षा होती है तो 70 प्रतिशत कोर्स ही प्रश्न पूछे जायेंगे।

अधिकांश छात्रों का कोर्स पूरा हुआ है, जिनका कोर्स अधूरा है उनके पास भी मौका है, परीक्षा के समय छात्रों को परेशानी नहीं होगी।

दिब्यकांत शुक्ला सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद

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