नई चुनौतिया
कोरोना महामारी के चलते वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुधार बेहद धीमा और असमान है। विश्व अर्थव्यवस्था गहरे संकट का सामना कर रही है। इस कारण कई विकासशील देश गरीबी की दिशा की ओर मुड़ गए हैं और मुश्किल में हैं। हर कोई उम्मीद कर रहा है कि 2022 में महामारी और इसके साथ आए संकट …
कोरोना महामारी के चलते वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुधार बेहद धीमा और असमान है। विश्व अर्थव्यवस्था गहरे संकट का सामना कर रही है। इस कारण कई विकासशील देश गरीबी की दिशा की ओर मुड़ गए हैं और मुश्किल में हैं। हर कोई उम्मीद कर रहा है कि 2022 में महामारी और इसके साथ आए संकट कम होने लगेंगे लेकिन महामारी लंबे समय तक चलने वाली साबित हो रही है, जिससे स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। महामारी की जकड़ से निकलकर मानव जाति आगे बढ़े, इसके लिए जरुरी है कि महामारी से पूरी दुनिया साथ मिलकर लड़े। संक्रमण के विरुद्ध चल रहे टीकाकरण को विश्व में हर किसी तक पहुंचाया जाना आवश्यक है।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ऑनलाइन दावोस एजेंडा, 2022 शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि दुनिया में हर किसी तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं पहुंची तो नए स्वरूप सामने आते रहेंगे, जिससे सामान्य जीवन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियां भी उबर नहीं पाएंगी। डब्ल्यूईएफ एक स्विस गैर-लाभकारी संस्थान है। स्विस सरकार की ओर से इसे सार्वजनिक-निजी सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है।
डब्ल्यूईएफ वैश्विक, क्षेत्रीय और उद्योग जगत की परियोजनाओं को आकार देने हेतु व्यापार, राजनीतिक, शिक्षा क्षेत्र और समाज के अन्य प्रतिनिधियों को शामिल करके विश्व की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा क्रिप्टोकरेंसी, महंगाई, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति शृंखला से जुड़ी नई चुनौतियां दुनिया के सामने मौजूद है और इनके खिलाफ कोई अकेला देश नहीं लड़ सकता।
इस बीच जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के कारण वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था बढ़ी है। हालांकि इसी के साथ साइबर हमले भी बढ़े हैं और साइबर सुरक्षा से जुड़े लगभग 80 प्रतिशत दिग्गज अब रैनसमवेयर को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए ‘खतरा’ और ‘चेतावनी’ मानते हैं। सॉफ्टवेयर रैनसमवेयर इस तरह से बनाया जाता है कि वह किसी भी कंप्यूटर सिस्टम की सभी फाइलों को इनक्रिप्ट कर दे।
इन फाइलों को कंप्यूटर उपयोगकर्ता तब तक उपयोग नहीं कर सकता जब तक वह फिरौती में मांगी गई राशि का भुगतान न कर दे। दिलचस्प है कि सम्मेलन ऐसे समय में चल रहा है जब वैश्विक समाज पर महामारी के विनाशकारी प्रभावों और जलवायु परिवर्तन के परिणामों जैसे विभिन्न कारकों से स्थिति बहुत खराब हो गई है। ऐसे में विश्व के सभी देशों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करना होंगे और विकसित देशों को जवाबदेह आर्थिक नीतियां अपनानी होंगी।
