हल्द्वानी: तीन लोगों की मौत का कारण बाघ या तेंदुआ ?
हल्द्वानी, अमृत विचार। दमुवाढूंगा से पनियाली तक तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाला बाघ है या तेंदुआ। इसको लेकर संशय बना हुआ है। घटनास्थल पर बाघ और तेंदुए दोनों के पद चिन्ह मिले हैं और दोनों ही ट्रैपिंग कैमरे में कैद हुए हैं। अब आदमखोर बाघ या तेंदुआ है, इसने वन अधिकारियों की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। दमुवाढूंगा से पनियाली तक तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाला बाघ है या तेंदुआ। इसको लेकर संशय बना हुआ है। घटनास्थल पर बाघ और तेंदुए दोनों के पद चिन्ह मिले हैं और दोनों ही ट्रैपिंग कैमरे में कैद हुए हैं। अब आदमखोर बाघ या तेंदुआ है, इसने वन अधिकारियों की चिंता और चुनौती बढ़ा दी है।
रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर रेंज के जंगलों में दिसंबर-जनवरी के बीच महिला समेत तीन लोगों के शव बरामद हुए। वन अधिकारियों का दावा था कि तेंदुए ने तीनों लोगों को निवाला बनाया है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर घोषित किया और तेंदुए को मारने के लिए शिकारी लगा दिए। इधर वन विभाग को सर्च के दौरान घटना स्थल से बाघ के भी पग मार्क मिले हैं।
ऐसे में वन अधिकारी असमंजस में है कि लोगों को निवाला बनाने वाला बाघ है या तेंदुआ। फिलहाल वन विभाग ने आदमखोर की पुष्टि करने के लिए दमुवाढूंगा और पनियाली में ट्रैपिंग कैमरा लगा दिए हैं लेकिन एक दिन बाद भी कोई वन्यजीव कैमरे में कैद नहीं हुआ है इसलिए शिकारी और वन विभग के सामने असमंजस के हालात बने हुए हैं। फिलहाल वन विभाग ने सर्च अभियान के साथ ही ट्रैपिंग कैमरा में वन्यजीव के कैद होने का इंतजार कर रहा है।
शिकारी ने जंगलों में डाला डेरा
शिकारी हरीश धामी ने वन कर्मचारियों के साथ फतेहपुर रेंज के जंगलों में डेरा डाल दिया है। आदमखोर बाघ या तेंदुए को ढेर करने के लिए उसकी तलाश की जा रही है। देर सायं और रात को भी शिकारी सर्च अभियान में जुटे हुए हैं।
तेंदुआ या बाघ आदमखोर हैं इसको लेकर संशय बना हुआ है। फिलहाल दमुवाढूंगा और पनियाली घटना स्थलों पर ट्रैपिंग कैमरा लगा दिए हैं। अभी तक कोई भी वन्यजीव की तस्वीर नहीं मिली है। शिकारी हरीश धामी वन टीम के साथ जंगलों में सर्च अभियान चला रहे हैं। आदमखोर की पुष्टि होने के बाद ही शिकारी को वन्यजीव को मारने की अनुमति दी जाएगी।
- केआर आर्य, रेंजर फतेहपुर वन रेंज हल्द्वानी
