बरेली: निरंकार देव बाल साहित्य के आधार स्तंभ थे: सुरेश बाबू

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बरेली, अमृत विचार। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में परिषद के कार्यालय पर बुधवार को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर ब्रज प्रांत के अध्यक्ष साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा निरंकार देव सेवक बाल साहित्य के आधार स्तंभ थे। उन्हें बाल मन का चतुर चितेरा कहा जाता है। उन्होंने …

बरेली, अमृत विचार। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में परिषद के कार्यालय पर बुधवार को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर ब्रज प्रांत के अध्यक्ष साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा निरंकार देव सेवक बाल साहित्य के आधार स्तंभ थे। उन्हें बाल मन का चतुर चितेरा कहा जाता है। उन्होंने अपनी रचनाओं से बरेली का मान पूरे देश में बढ़ाया। हमें निरंकार देव सेवक पर गर्व है।

प्रांतीय कोषाध्यक्ष डॉक्टर दीपंकर गुप्त ने कहा निरंकार देव सेवक को बच्चों की रुचियों-अभिरुचियों, उनकी जिज्ञासाओं तथा बाल मनोविज्ञान की गहरी समझ थी। उनकी रचनाएं पूरे देश में लोकप्रिय हैं। वह साहित्य के महान पुरोधा थे। प्रांतीय संरक्षक डॉ. एनएल शर्मा ने कहा निरंकार देव सेवक जैसा साहित्यकार सदियों में पैदा होता है। उन्होंने बाल साहित्य की आधारशिला रखी, जिसके लिए उनका सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रांतीय संयुक्त मंत्री रोहित राकेश, प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. एस.पी पांडेय, जिला अध्यक्ष डॉ. एस.पी मौर्या, एस.के अरोड़ा, गुरविंदर सिंह, जितेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। गोष्ठी की अध्यक्षता सुरेश बाबू मिश्रा व संचालन डॉ. दीपंकर गुप्त ने किया।

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