बरेली: दावेदारों का कांग्रेस कार्यालय पर हंगामा, 5 लाख मांगने का आरोप
बरेली,अमृत विचार। कई साल से कांग्रेस के लिए जमीन तैयार कर रहे दावेदारों में आक्रोश है। तीन दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाली पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा गंगवार को नवाबगंज का प्रत्याशी बनाए जाने से दावेदारों ने गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर धरना देकर हंगामा किया। कार्यालय पर …
बरेली,अमृत विचार। कई साल से कांग्रेस के लिए जमीन तैयार कर रहे दावेदारों में आक्रोश है। तीन दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाली पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा गंगवार को नवाबगंज का प्रत्याशी बनाए जाने से दावेदारों ने गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर धरना देकर हंगामा किया।
कार्यालय पर हंगामा होने के साथ जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष पर टिकट देने के लिए पांच लाख रुपये मांगने का आरोप भी लगाया है। इधर जिलाध्यक्ष ने नाराज लोगों से वार्ता के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। नवाबगंज विधानसभा से ऊषा गंगवार का कांग्रेस से टिकिट होने से टिकट की दावेदारी कर रहे दावेदारों ही नहीं उनके समर्थक भी निराश हो गए।
नवाबगंज विधानसभा से कांग्रेस के पांच कार्यकर्ताओं ने दोवदारी की थी जिसमें तीन महिलाएं थीं। टिकट की दावेदारी करने के साथ ही सभी क्षेत्र में जनसम्पर्क कर प्रचार-प्रसार कर रहे थे। ऊषा गंगवार का टिकट होने के बाद नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से टिकट के आवेदक डॉ हरीश गंगवार अपने साथियों के साथ जिला कांग्रेस कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और मौन व्रत धारण कर लिया।
कार्यालय पर धरने की सूचना मिलने पर जिला प्रभारी जितेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी शाम को जिला कार्यालय पहुंचे और उसके बाद उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी वार्ता के लिए गठित कर दी जिसमें जिला उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा, जिला प्रवक्ता पंडित राज शर्मा, जिला महासचिव जिया उर रहमान हैं। धरने पर बैठे लोगों से बात करने के बाद उनकी बात को लिखित में लेकर चुनाव समिति के नेताओं को भेजने की बात कही है।
जिला प्रभारी और अध्यक्ष पर लगाया पांच लाख में टिकट बेचने का आरोप
नवाबगंज विधानसभा से ही कांग्रेस से टिकट के लिए आवेदन करने वाली यासमीन जहां ने गुरुवार को दीपेन्द्र हुड्डा को एक पत्र लिखकर बताया कि नवाबगंज विधानसभा से दूसरे दलों के प्रत्याशी हिंदू समाज से हैं। जबकि विधानसभा में एक लाख से अधिक मुस्लिम वोटर हैं। प्रियंका गांधी ने भी टिकट में महिलाओं के 40 प्रतिशत हिस्सेदारी की बात कही थी।
उन्होंने कांग्रेस से नवाबगंज विधानसभा से टिकट के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी और जिला प्रभारी जितेन्द्र कश्यप ने टिकट दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपए की मांग की थी। पैसे देने से इंकार करने पर उन्होंने दूसरे दावेदार का नाम हाईकमान को देकर उनका नाम आगे नहीं दिया। उन्होंने मांग की है कि सर्वे कराकर नवाबगंज से किसी मजबूत प्रत्याशी को टिकट दी जाए।
यह थे टिकिट के दावेदार
जिला महासचिव महावीर गुप्ता, डॉ. हरीश गंगवार, राविया अख्तर, यासमीन जहां, मुकेश कुमार, सुनीता देवी टिकट की दावेदारी करने के साथ ही पार्टी के लिए जनसम्पर्क कर रहे थे।
मैं उस महिला को जानता नहीं हूं। लखनऊ में सदस्यता लेकर वहीं से आवेदन किया है। एक बार सिर्फ जिला काग्रेंस कार्यालय पर बैठक में शामिल हुई थीं। पूर्व में वह महिला सपा और भाजपा की सदस्य रह चुकी हैं। पैसे लेने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। आरोप प्रत्यारोप कोई किसी पर भी लगा सकता है।
—मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिलाध्यक्ष
