बरेली: बिजली कर्मचारियों का ऐलान, पुरानी पेंशन नहीं तो वोट नहीं
बरेली, अमृत विचार। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर मांग की है कि वे अपने चुनाव घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली, सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बन्द करने, प्रदेश को सस्ती बिजली देने के लिए सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण, नियमित भर्ती और आउटसोर्स/संविदा …
बरेली, अमृत विचार। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर मांग की है कि वे अपने चुनाव घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली, सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बन्द करने, प्रदेश को सस्ती बिजली देने के लिए सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण, नियमित भर्ती और आउटसोर्स/संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल करें। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि अगर राजनीतिक दलों ने घोषणापत्र में शामिल नहीं किया तो आगामी विधानसभा चुनाव में बिजली कर्मचारी वोट नहीं देंगे।
संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि प्रदेश के बिजलीकर्मी व उनके परिवार उन राजनीतिक दलों को वोट नहीं देंगे जो पुरानी पेंशन का वायदा नहीं करेंगे। संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि यदि एक से अधिक राजनीतिक दल पुरानी पेंशन का वायदा करते हैं तो बिजली कर्मी व उनके परिवार ऐसे दलों में से किसी को भी अपनी पसन्द से वोट देंगे।
संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों रंजीत चौधरी, सत्यार्थ गंगवार, नीरज यादव, धर्मेंद्र यादव, ताजीम, गौरव शर्मा, अमित गंगवार, सतीश जायसवाल, मुकेश चौरसिया, अनुज गुप्ता, वी के ग्वाल, वैभव चौधरी, आकांक्षा सक्सेना, मनोज सिंह, मनोज शर्मा, अभय सिंह, अमित चौधरी, अवतार सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती के अलावा तमाम पार्टी के नेताओं को पत्र भेजा है।
