UP Election 2022: सपा में गए कांग्रेस प्रत्याशी का यू टर्न, कहा- कांग्रेस का सिपाही हूं, माफी चाहता हूं…
लखनऊ। उम्मीदवार घोषित होने के बावजूद समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम कर सुर्खियों में आए कांग्रेस के पूर्व विधायक यूसुफ अली ने गुरूवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही है और अपने कृत्य के लिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से माफी …
लखनऊ। उम्मीदवार घोषित होने के बावजूद समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम कर सुर्खियों में आए कांग्रेस के पूर्व विधायक यूसुफ अली ने गुरूवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही है और अपने कृत्य के लिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से माफी मांगते है।
करीब छह दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची में उत्तर प्रदेश में रामपुर की चमरौआ सीट से युसुफ अली का नाम शामिल किया गया था लेकिन उसी रोज अली ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। पूर्व विधायक के अचानक पाला बदलने से कांग्रेस़ की खासी किरकिरी हुयी थी।
युसुफ अली ने गुरूवार को एक वीडियो जारी कर अपने इस कृत्य के लिये यूपी प्रभारी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य पदाधिकारियों से माफी मांगी और कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही थे और हमेशा रहेंगे। दरअसल, उन्हें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुमराह किया था। सपा मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है और इस वर्ग का भला नहीं कर सकती। मुसलमानों की शुभचिंतक सिर्फ कांग्रेस़ पार्टी है।
युसूफ अली चमरौआ विधानसभा सीट से 2012 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और विधायक चुने गए थे। इस सीट पर 2012 में पहली बार चुनाव हुआ था। 2017 के चुनाव में शिकस्त मिलने के बाद युसूफ बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। तब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश महासचिव बनाया था।
कांग्रेस ने उन्हें चमरौआ विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। कांग्रेस से टिकट मिलने के बावजूद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था।
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