अयोध्या: फर्जी मतदाता पहचान पत्र को लेकर चुनाव आयोग ने जारी किए कड़े निर्देश

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अयोध्या। विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी मतदाता पहचान पत्र को लेकर चुनाव आयोग की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाते या रखे हुए मिला तो उसे सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी मतदाता पहचान पत्र को लेकर स्थानीय अभिसूचना ईकाई के साथ …

अयोध्या। विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी मतदाता पहचान पत्र को लेकर चुनाव आयोग की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाते या रखे हुए मिला तो उसे सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी मतदाता पहचान पत्र को लेकर स्थानीय अभिसूचना ईकाई के साथ साइबर सेल को भी सतर्क किया गया है।

आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देश की पुष्टि करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि इसके लिए बूथ लेवल अफसरों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। अमित सिंह के मुताबिक यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन या ऑफलाइन फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपिक) बनाया या जारी किया जाएगा तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबन्ध में सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपिक) बनाया जा सकता है। इसलिए इस पर पैनी नजर रखते हुए ऐसे लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आयोग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि कुछ एजेन्सीज या व्यक्तियों द्वारा फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपिक) बनाकर प्रिंट किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में उन्होंने स्थानीय अभिसूचना इकाई और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतर्क करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस पर नजर रखें।

स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय करें और जनसामान्य से भी इस सम्बन्ध में सूचनाएं एकत्रित करें जिससे इस प्रकार के आपराधिक कृत्य कारित करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके, जिससे जिले में स्वतंत्र, निर्भीक व निष्पक्ष निर्वाचन कार्य सम्पन्न कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि जनसामान्य से भी इस संबंध में अपील है कि यदि इस मामले में उन्हें किसी तरह की सूचना या जानकारी मिलती है तो सूचना जिला प्रशासन के साथ साझा कर सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान और नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

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