यूपी चुनाव-2022: यहां रिश्तों के मकड़जाल को तोड़कर चुनाव लड़ने का है जुनून, जानें…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आते जा रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। गांव-गली मोहल्ले से होते हुए ये सियासती तकरार अब घरों की दहलीज तक पहुंच गई हैं। राजनीतिक दलों ने अभी विधानसभा की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों का खुलासा तक नहीं किया है, जबकि उससे पहले ही पुत्री …

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आते जा रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। गांव-गली मोहल्ले से होते हुए ये सियासती तकरार अब घरों की दहलीज तक पहुंच गई हैं। राजनीतिक दलों ने अभी विधानसभा की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों का खुलासा तक नहीं किया है, जबकि उससे पहले ही पुत्री पिता के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है तो कही पत्नी की बजाय पति अपने लिए टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। विधानसभा पहुंचने की चाहत में कई स्थानों पर तो कुर्सी के लिए रिश्ते भी दांव पर हैं।

औरैया की बिधूना सीट पर पिता-पुत्री में हो सकता है मुकाबला

औरैया जिले की बिधूना सीट पर 2017 में भाजपा के टिकट पर विनय शाक्य चुनाव जीते थे। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थक विनय शाक्य ने पिछले दिनों समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। इस बार वह इसी सीट पर सपा के टिकट से हाथ आजमाएंगे। वहीं शुक्रवार को भाजपा ने इस सीट पर विनय शाक्य की पुत्री रिया शाक्य को टिकट दिया है। रिया पुणे से बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं हैं। वह लगभग 26 वर्ष की हैं। रिया क्षेत्र में एक इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज भी संचालित करतीं हैं।

ऐसे में विनय शाक्य यदि सपा से टिकट पाने में कामयाब रहे तो यहां पिता-पुत्री के बीच रोमाचंक मुकाबला होने की उम्मीद है। कोरोना की दूसरी लहर में विनय शाक्य के कोरोना संक्रमित होने और पीजीआई में उनके भर्ती होने पर मुख्यमंत्री योगी द्वारा कई बार अस्पताल जाकर हालचाल पूछने के बाद रिया ने मुख्यमंत्री योगी की काफी तारीफ की थी। इसके अलावा कई मौकों पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी की नीतियों की सराहना भी कर चुकी हैं।

सरोजनी नगर सीट पर स्वाती सिंह के पति मांग रहे टिकट

प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वाति सिंह राजधानी की सरोजनी नगर सीट से विधायक हैं। मंत्री स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। दोनों सरोजनी नगर निर्वाचन क्षेत्र से टिकट मांग रहे हैं। इन दोनों ने सरोजनी नगर क्षेत्र में काम किया है। क्षेत्र में स्वाति सिंह और उनके पति दयाशंकर दोनों के पोस्टर लगे हैं।

दोनों ने अपने-अपने पोस्टर में एक-दूसरे के नामों का इस्तेमाल नहीं किया है। टिकट की घोषणा से पहले ही दयाशंकर ने इलाके में अपनी दावेदारी वाली होर्डिग और बैनर पोस्टर लगा दिए हैं। बीते तीन महीने में दयाशंकर ने बाइक जुलूस, पैदल यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से इन अटकलों को हवा भी दी है। हालांकि दयाशंकर का कहना है कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर वह उसे चुनाव लड़ाएंगे।

यूपी चुनाव में भाई की मदद के लिए सामने आई इकरा

शामली की कैराना विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने विधायक नाहिद हसन को अपना प्रत्याशी घोषित किया। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नाहिद पर कई अपराधिक मामले चल रहे हैं। अपने कारनामों की वजह से चुनाव वह चर्चा में रहते हैं।

सपा विधायक नाहिद हसन के साथ पूर्व सांसद उनकी तबस्सुम हसन पर गैंगस्टर एक्ट लगा है। नामांकन के बाद ही पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा -निर्देश के बाद अपराधिक मामलों में घिरे प्रत्याशियों का ब्योरा सार्वजिनक नहीं किया है। नाहिद के चुनाव लड़ने की संभावना पर सस्पेंस बरकरार है। ऐसे में भाई की कुर्सी बचाने को बचाने को नाहिद की बहन इकरा हसन ने भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा है।

उन्होंने इसे एहतियात के तौर पर उठाया गया कदम बताया है। इकरा कैराना में ही जिला पंचायत सदस्य हैं। वह लंदन से पढ़ाई कर लौटने के बाद राजनीति में उतरी हैं। इकरा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद लंदन में इंटरनेशनल लॉ की पढ़ाई की है। पिछले दिनों सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान इकरा काफी सक्रिय रही थी। नाहिद और इकरा के मरहूम पिता मुनव्वर हुसैन यहां से सांसद रह चुके हैं।

ये भी पढ़ें; बरेली: अब 31 तक करें पीएचडी प्रवेश परीक्षा के आवेदन

संबंधित समाचार