बरेली: ठगी का आए दिन तरीका बदल रहे ‘साइबर अपराधी’
बरेली, अमृत विचार। डिजिटल पेंमेट की सुविधा जितनी लाभदायक है, उससे कहीं ज्यादा घातक भी है। यहां एक गलती आपके बैंक खाते को पूरा खाली कर सकती है। फर्जी खाता खुलवाकर साइबर ठग रोज करोड़ों रुपयों में सेंधमारी कर देते हैं। जब तक पीड़ित को सेंध का पता चलता है तब तक खाता खाली हो …
बरेली, अमृत विचार। डिजिटल पेंमेट की सुविधा जितनी लाभदायक है, उससे कहीं ज्यादा घातक भी है। यहां एक गलती आपके बैंक खाते को पूरा खाली कर सकती है। फर्जी खाता खुलवाकर साइबर ठग रोज करोड़ों रुपयों में सेंधमारी कर देते हैं। जब तक पीड़ित को सेंध का पता चलता है तब तक खाता खाली हो चुका होता है। कभी लॉटरी जीतने के नाम से शुरू हुआ साइबर ठगी का यह अपराध अब खातों में रुपये भेजने के नाम पर ठगी करने लगा है।
साइबर ठगी के मामले कम होने के बदले रोज बढ़ते जा रहे हैं। कम पढ़े लिखे लोग तो इसका निशाना बन रहे है लेकिन पढ़े लिखे लोगों की भी संख्या इसमें बहुत ज्यादा हो गई है। साइबर ठगी के लिए कभी नाईजीरियन सबसे आगे हुआ करते थे अब तो झारखंड, बदायूं, दिल्ली, कर्नाटक, समेत बरेली में भी इनके गैंग पकड़े जा चुके हैं। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अलर्ट रहकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
केस एक
रिश्तेदार बताकर खाते से उड़ायी रकम
आंवला के बड़ा गांव निवासी हरीश कुमार ने बताया कि 16 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने हरीश का नाम लेते हुए बताया कि वह उनका रिश्तेदार है और उनके खाते में रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद उन्होंने रुपये भेजने का मैसेज भेजकर हरीश से उनका यूपीआई नंबर और एटीएम कार्ड नंबर पूछ लिया और उनके खाते से दो बार में 14900 रुपये उड़ा दिए।
केस दो
केवाईसी के नाम पर निकाले 1.40 लाख
बारादरी के डोहरा स्थित सुपर सिटी निवासी सोमपाल ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि जिस बीएसएनएल के नंबर को वह चला रहे हैं। उसकी केवाईसी करनी है। इसके लिए साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर उनके खाते से सात बार में लगभग 1.40 लाख रुपये उड़ा दिए।
केस तीन
गूगल पर देखा कस्टमर केयर नंबर, उड़ गए रुपये
बहेड़ी के उदरा बियोनिया निवासी अरुन ने बताया कि वह संजय नगर के गोपाल नंगर में किराये के मकान में रहता है। उसे अपनी फीस जमा करनी थी। इसके लिए उसने ऑन लाइन पेमेंट करना था। पेमेंट न होने पर उसने गूगल से कस्टमर केयर नंबर पर फोन किया। इसके बाद साइबर ठग ने उसके मोबाइल पर एक पीएनबी का एक लिंक भेजकर उसे डाउनलोड कराया और फिर उसके खाते से 46798 रुपये निकाल लिए।
साइबर ठग नए-नए तरीकों से ठगी करते हैं। इसलिए अंजान लिंक को डाउनलोड न करें। न ही लाटरी के लाचल में पड़े। सावधान रहने से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। –रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
