रुद्रपुर: एंबुलेंस और सरकारी वाहनों पर भी होगी उड़न दस्ते की पैनी नजरें
रुद्रपुर, अमृत विचार। पहली बार इस विधानसभा चुनाव में बिना मरीज के हूटर साउंड के साथ गुजरने वाली एंबुलेंस और सरकारी वाहन लिखी गाड़ियों पर भी उड़न दस्ते (एफएसटी) व स्थर जांच दल (एसएसटी) की नजर रहेगी। उन्हें रोककर जांच की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी युगल किशोर पंत के निर्देश जारी होने के बाद दोनों …
रुद्रपुर, अमृत विचार। पहली बार इस विधानसभा चुनाव में बिना मरीज के हूटर साउंड के साथ गुजरने वाली एंबुलेंस और सरकारी वाहन लिखी गाड़ियों पर भी उड़न दस्ते (एफएसटी) व स्थर जांच दल (एसएसटी) की नजर रहेगी। उन्हें रोककर जांच की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी युगल किशोर पंत के निर्देश जारी होने के बाद दोनों ही टीमों ने जिले में इन वाहनों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। आदर्श आचार संहिता लगने के बाद अराजकतत्वों और रुपयों के दुरुपयोग पर नियंत्रण रखने के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से सख्ती की जा रही है। निजी व कॉमर्शियल वाहनों की चेकिंग तो की ही जा रही है, साथ ही अब सरकारी वाहनों को भी चेकिंग के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
जिले में निगरानी के लिए 87 एफएसटी और 87 एसएसटी टीमें गठित की जा चुकी हैं। ये टीमें बॉर्डर और शहर में जांच पड़ताल कर इन वाहनों पर भी अन्य वाहनों की तरह ही कार्रवाई करेंगी। शक होने पर उन्हें रोकेंगी और उनकी छानबीन करने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
क्यों बढ़ाई गई यह सतर्कता
आचार संहिता में धन और अन्य सामग्री के दुरुपयोग को लेकर आशंका बनी रहती है। सरकारी वाहन लिखीं गाड़ियों और एंबुलेंस की आड़ में इस तरह की संभावनाओं को जताया जाता है। चुनाव में दुरुपयोग न हो और आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए कोई पार्टी राजनीतिक लाभ के दृष्टिगत इन वाहनों का प्रयोग न करे, इसलिए निर्वाचन विभाग ने इस पर भी सख्ती के निर्देश जारी किए हैं।
-सरकारी वाहन लिखीं गाड़ियां व एंबुलेंस भी अन्य वाहनों की भांति ही चेक की जाएंगी। आचार संहिता और निष्पक्ष चुनाव के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए एफएसटी और एसएसटी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
-युगल किशोर पंत, जिला निर्वाचन अधिकारी
