अचूक हथियार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आ चुका है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के तीन लाख 33 हजार मामले सामने आए हैं, जो शनिवार के मुकाबले कम हैं। महामारी विशेषज्ञों ने कहा है कि आगामी कुछ सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। 15 फरवरी तक कोरोना की तीसरी लहर में कमी आएगी। …

देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आ चुका है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के तीन लाख 33 हजार मामले सामने आए हैं, जो शनिवार के मुकाबले कम हैं। महामारी विशेषज्ञों ने कहा है कि आगामी कुछ सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। 15 फरवरी तक कोरोना की तीसरी लहर में कमी आएगी। यह अच्छे संकेत हैं।

कहा जा सकता है कि देश में ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की नीति की वजह से खतरा कम हुआ। 74 प्रतिशत वयस्क आबादी को टीके की दोनों डोज लग चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश की 92 प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन की सिंगल डोज लग चुकी है, जबकि किशोरों की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन का सिंगल डोज लग चुका है।

देश में अब तक 160 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज लग चुके हैं। कोरोना की रोकथाम के लिए केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकारें भी सजगता से काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में घर-घर दस्तक अभियान चलाया गया जिसमें बीमारी के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई। हलांकि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

उधर कोरोना का नया स्वरुप ओमिक्रान सामुदायिक प्रसारण की स्थिति में पहुंच गया है। कई महानगरों में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फिलहाल इसकी वजह से महामारी की दूसरी लहर जैसी समस्या तो नहीं हो रही है परंतु इसका प्रसार काफी तेज है। जो चिंता का कारण बना हुआ है।

हालांकि राहत देने वाली खबर है कि आर वैल्यू घटकर 1.57 हो गया है, जबकि कुछ समय पहले यह तीन तक पहुंच गया था। आर वैल्यू के कम होने से संक्रमण की दर भी कम हो जाती है। फिर भी सामुदायिक प्रसारण के खतरे को देखते हुए सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

तीसरी लहर पर नियंत्रण बना रहे इसके लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन लगातार किया जाना जरुरी है। शेष रह गए लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण कराना चाहिए। महामारी से सबक सीखने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए नए समाधान तलाशने की भी जरूरत है।

उधर कोरोनो को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी देशों को आवश्यक तकनीकी व प्रक्रिया संबंधी समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर लगातार काम कर रहा है। संगठन के महानिदेशक टेड्रोस घेबरेयेसस ने सोमवार को कहा कि अगर व्यापक उपाय किए जाएं तो 2022 तक कोरोना वायरस को दुनिया से खत्म किया जा सकता है।