उच्चतम न्यायालय के आदेश को चुनौती देगी महाराष्ट्र सरकार
मुंबई। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार ने शनिवार को कहा कि वह जल्द ही उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी, जिसमें 12 भाजपा विधायकों के निलंबन को रद्द करने के शीर्ष अदालत के फैसले को चुनौती दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ मंत्रियों और विधायिका के पीठासीन अधिकारियों की बैठक अगले सप्ताह राज्य की एमवीए …
मुंबई। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार ने शनिवार को कहा कि वह जल्द ही उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी, जिसमें 12 भाजपा विधायकों के निलंबन को रद्द करने के शीर्ष अदालत के फैसले को चुनौती दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ मंत्रियों और विधायिका के पीठासीन अधिकारियों की बैठक अगले सप्ताह राज्य की एमवीए सरकार द्वारा बुलायी गयी है और इस बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लिया जायेगा। सूत्रों ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश को चुनौती देने के लिए राज्य सरकार के लिए महाधिवक्ता की राय मांगी गई है, जिसमें कहा गया है कि इसे एक संविधान पीठ द्वारा सुना जाना चाहिए।
एमवीए मंत्रियों के एक वर्ग ने यह भी संकेत दिया है कि अधिकार क्षेत्र और शक्तियों के मुद्दे पर न्यायपालिका और विधायिका के बीच टकराव अपरिहार्य लगता है। राज्य विधानसभा के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने कहा कि आज महाराष्ट्र है और कल यह अन्य राज्यों की विधानसभाओं के मामले में और संसद सदस्यों के साथ भी हो सकता है।
इसलिए इस मुद्दे पर बहस की जरूरत है।उन्होंने कहा कि यदि विधायिका शीर्ष अदालत के आदेश को स्वीकार करती है, तो यह एक मिसाल बन सकती है, इसलिए, भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए विधायिका सचिवालय के साथ मंत्रियों और पीठासीन अधिकारियों की बैठक बुलाई जा रही है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार और विधायिका इस पर कानूनी राय भी लेगी कि क्या न्यायिक हस्तक्षेप का हवाला देते हुए अदालत के आदेश को पूरी तरह से खारिज किया जा सकता है।
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