मुरादाबाद : प्रत्याशियों से नाराजगी का प्रतीक है नोटा का बटन

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विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। लोकतंत्र में मतदाता शिरोधार्य होते हैं। मतपत्र पर निशान लगाकर या ईवीएम का बटन दबाकर वे प्रत्याशी को क्षेत्र का जनप्रतिनिधि चुनते हैं। मगर लोकतंत्र की खूबी यह भी है कि प्रत्याशी को नकारने का विकल्प भी मतदाताओं के पास है। इस विकल्प का नाम नोटा है। विस चुनाव में ईवीएम में …

विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। लोकतंत्र में मतदाता शिरोधार्य होते हैं। मतपत्र पर निशान लगाकर या ईवीएम का बटन दबाकर वे प्रत्याशी को क्षेत्र का जनप्रतिनिधि चुनते हैं। मगर लोकतंत्र की खूबी यह भी है कि प्रत्याशी को नकारने का विकल्प भी मतदाताओं के पास है। इस विकल्प का नाम नोटा है। विस चुनाव में ईवीएम में नोटा का बटन मतदाता की नापंसद का परिचायक है।

16वीं लोकसभा के लिए सात से 12 मई तक हुए नौ चरणों के मतदान में यह विकल्प प्रयोग में आया था। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा था कि 16वीं लोकसभा चुनाव में पहली बार ‘नोटा’ विकल्प है। 2013 में पांच राज्यों दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार ईवीएम में नोटा (नन आफ द एबव) का विकल्प ईवीएम में मिला था। यह लोकतंत्र में दूसरी बार इस विकल्प का प्रयोग था।

गुप्त रहती है बटन दबाने वाले की पहचान
ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) में ‘नन ऑफ द एबव’ अर्थात ‘नोटा’ का विकल्प होता है। अगर वोटर भ्रष्ट या नाकारा होने के कारण किसी प्रत्याशी को वोट नहीं देना चाहता तो इस बटन को दबाता है। इसमें उसकी पहचान भी जाहिर नहीं होती है।

पहले भरना होता था
अलग फॉर्म 2013 में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव से पहले यदि मतदाता किसी प्रत्याशी को पसंद नहीं करने के चलते अपना मत नहीं देना चाहते थे तो अलग से एक फॉर्म भरना पड़ता था और इसके लिए उसे अपनी पहचान बतानी होती थी।

2017 के विस चुनाव में जिले में खूब दबाया गया था नोटा
जनपद में 2017 में छह विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में मतदाताओं ने अपनी नापसंदगी को नोटा का बटन दबाकर प्रकट किया था। नगर विधानसभा सीट पर देखें तो इस सीट पर ईवीएम में सातवें नंबर पर नोटा का बटन था, जिसे 855 मतदाताओं ने दबाकर प्रत्याशियों के प्रति अपनी नाराजगी जताई थी। बिलारी विधानसभा क्षेत्र में 1123, कांठ में 1199, कुंदरकी में 1170 और ठाकुरद्वारा विधानसभा के 1040 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प आजमाया था।

स्रोत: आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट से 

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