दोस्ती के बढ़ते कदम

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Edited By Amrit Vichar
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भारत और इजराइल के बीच पूर्ण राजनयिक रिश्तों के 30 साल पूरे हो गए। भारत ने 17 सितंबर, 1950 को इजराइल को मान्यता दी थी, लेकिन पूर्ण राजनयिक संबंध 29 जनवरी, 1992 को स्थापित किए गए थे जब भारत ने तेल अवीव में अपना दूतावास खोला था। तब से दोनों देशों की दोस्ती ने कई …

भारत और इजराइल के बीच पूर्ण राजनयिक रिश्तों के 30 साल पूरे हो गए। भारत ने 17 सितंबर, 1950 को इजराइल को मान्यता दी थी, लेकिन पूर्ण राजनयिक संबंध 29 जनवरी, 1992 को स्थापित किए गए थे जब भारत ने तेल अवीव में अपना दूतावास खोला था। तब से दोनों देशों की दोस्ती ने कई आयाम तय किए हैं। सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, सामयिक और रक्षा मामलों में दोनों देश एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। भारतीय सेनाओं को मजबूत करने के लिए इजराइल ने न सिर्फ तकनीकी सहायता दी बल्कि आधुनिक हथियार भी उपलब्ध कराए। रूस के बाद इज़राइल भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियारों का आपूर्तिकर्ता है। कृषि, जल संसाधन के क्षेत्र में भी दोनों देश एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं।

कई मौकों पर इजराइल पूरी मजबूती के साथ भारत के साथ खड़ा रहा। यहां तक कि चीन-पाकिस्तान के मुद्‌दे पर भी इजराइल भारत के पक्ष में रहा है। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते देश ने दूसरी बार परमाणु परीक्षण किया था तो अमेरिका सहित कई देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगा दिए थे। उस समय इजराइल अकेला देश था जिसने भारत का समर्थन किया। कारगिल युद्ध के समय भारत के लिए सबसे तेजी से मदद इजरायल ने ही भेजी थी। संयुक्त राष्ट्र संघ में कई असहज मौकों पर भारत को इजराइल का साथ मिला है। वहीं कई मुश्किल मौकों पर भारत ने इजराइल का समर्थन किया है।

2017 में नरेंद्र मोदी के रूप में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने इजराइल का दौरा किया। तब से दोनों देशों के संबंध और बेहतर हो गए। दोनों देशों के बीच सबंधों में गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगता है कि इजराइल के पहले प्रधानमंत्री डेविड बेन-गुरियन के बेड रूम तक में महात्मा गांधी की तस्वीर लगी होती थी। पूर्ण राजनयिक रिश्तों की 30वीं वर्षगांठ दोनों देशों के लिए कितना महत्वपूर्ण मौका है ये इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के बयान से जाहिर होता है। उन्होंने इसे ‘गहरी दोस्ती’ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश आकार में भिन्न हो सकते हैं लेकिन हम अपना समृद्ध इतिहास, दोनों देशों के लोगों के बीच गर्मजोशी और अपने अत्याधुनिक नवाचार एवं प्रौद्योगिकी सहित बहुत कुछ साझा करते हैं।

ये अंतहीन संबंध हैं। हम एक मजबूत साझेदारी, अविश्वसनीय गहरी दोस्ती और भविष्य की आशा का जश्न मना रहे हैं।’प्रधानमंत्री मोदी ने भी इजराइल के साथ भारत के संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण करार दिया। कहा कि भारत और इजराइल के लोगों के बीच हमेशा एक खास रिश्ता रहा है। सदियों से यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी भेदभाव के सौहार्दपूर्ण वातावरण में फला-फूला है। इसने हमारी विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।