मुरादाबाद : ठंड से नहीं मिल रही राहत, गलन से ठिठुरे लोग
मुरादाबाद, अमृत विचार। इस वर्ष सर्दी का मिजाज समझ से परे हो रहा है। जनवरी खत्म हो गई और महानगर वासियों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। आए दिन कोहरे और गलन के कारण लोग ठिठुरने को मजबूर है। सोमवार को फिर दिन निकलने के साथ ही गलन ने सुबह से ही …
मुरादाबाद, अमृत विचार। इस वर्ष सर्दी का मिजाज समझ से परे हो रहा है। जनवरी खत्म हो गई और महानगर वासियों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। आए दिन कोहरे और गलन के कारण लोग ठिठुरने को मजबूर है। सोमवार को फिर दिन निकलने के साथ ही गलन ने सुबह से ही गली-मोहल्लों में अलाव जलवा दिए। कड़ाके की ठंड के कारण दोपहिया वाहन चालक कंबल ओढ़कर सड़कों पर फर्राटा भरते हुए नजर आए। हालांकि दोपहर बाद निकली हल्की धूप ने कुछ हद तक ठंड से राहत दिलाई। सोमवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस बार जनवरी में सर्दी का सितम अपने चरम पर चल रहा है। पूरा माह बीत गया लेकिन वक्त के साथ ठंड का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। अगर पिछले 22 दिनों की बात करें तो केवल चार या पांच दिन ही धूप ने दर्शन दिए हैं। जबकि अधिकतर वक्त बारिश और सर्द हवाओं के बीच बीत रहा है। जिस दिन धूप भी निकली तो अगले दिन ठंड फिर चरम पर पहुंच रही है। मौसम विभाग लखनऊ ने 30 जनवरी तक कुछ जिलों में अति शीतलहर चलने की आशंका जताई थी। जिसमें मुरादाबाद भी शामिल था, लेकिन अब फरवरी के पहले सप्ताह तक इसके आसार जताए जा रहे हैं। हालांकि रविवार को दिन निकलने के साथ ही धूप ने काफी राहत दी थी। दोपहर तक चटक धूप होने से मौसम खुशगवार हो गया था। लेकिन, सोमवार को फिर मौसम ने करवट बदल ली।
सुबह गलन ने ठिठुराया तो दोपहर धूप ने दी राहत
सोमवार को दिन की शुरुआत कोहरे और गलन के बीच हुई। सुबह से चलने वाली सर्द हवाओं का आलम यह था कि तमाम दोपहिया वाहन चालक कंबल ओढ़कर गाड़ी चलाते हुए नजर आए। गली-मोहल्लों में लोग अलावा जलाकर खुद को ठंड से बचाने का प्रयास करते रहे। हालांकि दोपहर एक बजे के बाद मौसम ने कुछ करवट बदली। ढ़ाई बजे के बाद हल्की धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अब मौसम वैज्ञानिक तीन फरवरी तक ठंड और गलन पड़ने की बात कह रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के कारण ठंड का प्रकोप कम नहीं हो पा रहा है। जिस कारण धूप निकलने के बाद अगले दिन गलन बढ़ जाती है। तीन फरवरी के बाद मौसम में सुधार होने की उम्मीद है।
